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खूंटी, 07 जनवरी (हि.स.)। तपकारा गोलीकांड के विरोध में दो फरवरी को मनाए जाने वाले शहीद दिवस कार्यक्रम की तैयारी को लेकर बुधवार को शहीद भवन, तपकरा में कोईल कारो जनसंगठन की शीर्ष कमेटी की एक बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता संगठन के उपाध्यक्ष जोन जुरसेन गुड़िया ने की।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि शहीद दिवस के अवसर पर डूब क्षेत्र के सभी गांवों में सभी प्रकार के पारिवारिक कार्यक्रम स्थगित रहेंगे। यदि किसी गांव में इस दिन कोई पारिवारिक आयोजन होता है, तो उसकी जिम्मेदारी संबंधित ग्राम सभा की होगी। साथ ही यह भी तय किया गया कि शहादत दिवस कार्यक्रम में सभी गांव अपनी-अपनी ग्राम सभा के बैनर के साथ भाग लेंगे।
बैठक में उपस्थित झारखण्ड उलगुलान संघ के संयोजक अलेस्टेयर बोदरा ने शीर्ष कमेटी के सदस्यों को संबोधित करते हुए कहा कि पेसा नियमावली–2025 कोईल कारो जनसंगठन, डूब क्षेत्र की पारम्परिक ग्राम सभाओं एवं पड़हा व्यवस्था के लिए एक बड़ी चुनौती बनकर सामने आई है। उन्होंने कहा कि नई पेसा नियमावली में भू-अर्जन एवं पुनर्स्थापन के लिए पारम्परिक ग्राम सभा की पूर्व सहमति का प्रावधान तो किया गया है, लेकिन ग्राम सभा की पहली और दूसरी बैठक में आवश्यक कोरम की बाध्यता को समाप्त कर दिया गया है। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि झारखण्ड सरकार नीति-नियमों की आड़ में अनुसूचित क्षेत्र के निवासियों के साथ अन्यायपूर्ण व्यवहार कर रही है। ऐसे में डूब क्षेत्र के ग्रामीणों को एकजुट होकर अपने अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष के लिए तैयार रहना होगा।
बैठक में मसीहदास गुड़िया, जीवन हेमरोम, रेजन गुड़िया, निकोलस कन्डुलना, जोसेफ गुड़िया, अमृत गुड़िया सहित कई सदस्य उपस्थित थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / अनिल मिश्रा