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धनबाद, 07 जनवरी (हि.स.)। जिले में संचालित सभी आईवीएफ क्लिनिक उनके यहां जन्मे बच्चों की मासिक रिपोर्ट पीसी एंड पीएनडीटी समिति को देंगे। आईवीएफ क्लिनिक मासिक रिपोर्ट में मरीजों की गोपनीयता बनाए रखेंगे। रिपोर्ट में जन्म के समय लिंग अनुपात की जानकारी का भी उल्लेख करेंगे।
यह निर्देश उपायुक्त आदित्य रंजन ने बुधवार को आयोजित पीसी एंड पीएनडीटी जिला सलाहकार समिति की बैठक में दिया। उन्होंने कहा कि आईवीएफ क्लीनिक को अनिवार्य रूप से रजिस्टर्ड होना जरूरी है और वे प्री-कॉन्सेप्शन एंड प्री-नेटल डायग्नोस्टिक टेक्निक्स (पीसी-पीएनडीटी) एक्ट के दायरे में आते हैं।
बैठक के दौरान उपायुक्त ने अगली बैठक से पूर्व, वैसे क्षेत्र जहां लिंग अनुपात खराब है, उस क्षेत्र के अल्ट्रासाउंड सेंटरों की औचक जांच करने का निर्देश दिया। साथ ही जिले के सभी अल्ट्रासाउंड सेंटरों की जांच कर सीसीटीवी, डिसप्ले बोर्ड, मरीज का नाम, पता और फोन नंबर के साथ रिकॉर्ड, अग्निशमन यंत्र, महत्वपूर्ण फोन नंबर सहित अन्य नियमों का पालन कराने, गैर कार्यात्मक अल्ट्रासाउंड मशीन का तत्काल निराकरण कराने का निर्देश दिया। उपायुक्त ने कहा कि नियमों की अवहेलना करने वाले सेंटरों का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया जाएगा।
बैठक में पंचकर्मा भवन में पीसी एंड पीएनडीटी कार्यालय को स्थानांतरित करने की स्वीकृति दी गई। साथ ही सदर अस्पताल के लिए रेडियोलॉजिस्ट, अल्ट्रासाउंड सेंटर के रजिस्ट्रेशन के लिए और रिन्यूअल के लिए प्राप्त आवेदनों पर चर्चा की गई।
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हिन्दुस्थान समाचार / राहुल कुमार झा