सुकमा में अज्ञात बीमारी का खौफ, हाथ-पैर में सूजन से हुई युवक की मौत
सुकमा, 07 जनवरी (हि.स.)। जिले के अंतिम छोर पर बसे डब्बामरका गांव में एक युवक की मौत हाथ-पैर में आई सूजन के कारण हो गई, इसके बाद गांव में दहशत का माहौल है। वहीं स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बुधवार काे गांव में आधा दर्जन और मरीजों को हाथ-पैर सूजन के लक्
अज्ञात बीमारी का खौफ, हाथ-पैर में सूजन से हुई युवक की मौत, आधा दर्जन मरीज मिले


सुकमा, 07 जनवरी (हि.स.)। जिले के अंतिम छोर पर बसे डब्बामरका गांव में एक युवक की मौत हाथ-पैर में आई सूजन के कारण हो गई, इसके बाद गांव में दहशत का माहौल है। वहीं स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बुधवार काे गांव में आधा दर्जन और मरीजों को हाथ-पैर सूजन के लक्षण होने के कारण उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया। वहीं बाकी गांव वालों के खून की जांच की जा रही है। इसके अलावा गांव के पानी का भी सेंपल एकत्रित किया गया, क्योंकि इससे पहले भी जिले में अज्ञात बीमारी से करीब 84 लोगों की मौत हो चुकी थी, इसकी वजह से ग्रामीण काफी डरे हुए हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में डटी हुई है।

इसकी जानकारी मिलते ही ​कलेक्टर अमित कुमार ने स्वास्थ्य विभाग की टीम को गांव में भेजा, जहां शिविर में आधा दर्जन इसी अज्ञात बीमारी के मरीज मिले, जिसमें वेट्टी हिड़मा उम्र 36 वर्ष, वेट्टी देवा उम्र 50 वर्ष, माड़वी हिड़मा उम्र 28 वर्ष, वेट्ट देवा उम्र 45 वर्ष, वेट्टी हिरमे उम्र 50 वर्ष और ओयम सुक्का उम्र 23 साल को भी हाथ-पैर सूजन और दर्द की शिकायत है। इनका प्राथमिक इलाज किया गया, उसके बाद बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल भेजा गया। स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में मौजूद है जहां सभी का जांच किया जा रहा है।

मिली जानकारी के अनुसार कोंटा ब्लाक के पोटकपल्ली पंचायत से करीब 5 किमी. दूर स्थित नक्सल प्रभावित डब्बामरका गांव के युवक वेट्टी मुडा उम्र 27 वर्ष की मौत मंगलवार शाम 6 बजे हो गई। बताया गया कि पिछले तीन दिनों से युवक के हाथ और पैर में सूजन आ गई थी। जिसके बाद युवक ने पोटकपल्ली अस्पताल में इलाज कराया, लेकिन डॉक्टरों ने बाहर जाने की सलाह दी और रेफर किया। लेकिन युवक ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। बताया जाता है कि गांव में महुआ का शराब बनाया जाता है, जिसमें ज्यादा नशे के लिए आजकल यूरिया और अन्य जहरीले वस्तुओं का उपयोग किया जाता है । जो कि शरीर के लिए घातक साबित हो रहा है। स्वास्थ्य विभाग की टीम का भी यही मानना है कि हाथ-पैर में सूजन किडनी खराब के लक्षण हैं, इसलिए ग्रामीणों को जागरूक करने का भी अभियान चलाया जा रहा है।

उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी ऐसी बीमारी से करीब 84 ग्रामीणों की माैत हाे चुकी है, लेकिन उस बीमारी का पता आज तक नहीं चल पाया है । इसलिए सावधानी बरतते हुए डब्बा मरका गांव के पानी का सेंपल पीएचई कोंटा भेजा गया, जहां से जांच हेतु उच्च कार्यालय भेजा जाएगा। ​कलेक्टर अमित कुमार लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं और किसी भी प्रकार की कोताई नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / राकेश पांडे