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जयपुर, 07 जनवरी (हि.स.)। जिला उपभोक्ता आयोग क्रम-2 ने राजश्री पान मसाला के भ्रामक प्रचार प्रसार और विज्ञापन करने पर अंतरिम रोक लगा दी है। इसके साथ ही आयोग ने मामले की सुनवाई 6 फरवरी तक टाल दी है। आयोग अध्यक्ष ग्यारसी लाल मीना और सदस्य अजय कुमार व सुप्रिया अग्रवाल ने यह आदेश योगेन्द्र सिंह के स्टे प्रार्थना पत्र पर सुनवाई करते हुए दिए। आयोग ने अपने आदेश में कहा कि उक्त उत्पाद युवाओं को गलत दिशा में अग्रसर कर रहा है। इस प्रकार के उत्पादों का केसर युक्त बताकर प्रचार करना न केवल भ्रामक विज्ञापन, बल्कि जन स्वास्थ्य के साथ धोखाधडी की श्रेणी में आता है।
प्रार्थना पत्र में कहा गया कि आमजन को भ्रमित करने के लिए पान मसाला का विज्ञापन किया जा रहा है। जिससे कंपनी के मालिक और विज्ञापन करने वाले फिल्म अभिनेता सलमान खान ने करोडों रुपये अर्जित किए हैं। ऐसे में आमजन के स्वास्थ्य के लिए खतरनाक इस उत्पाद के भ्रामक विज्ञापन पर रोक लगाई जाए। जिस पर सुनवाई करते हुए आयोग ने इसके भ्रामक प्रचार प्रसार और विज्ञापन पर अंतरिम रोक लगा दी है।
परिवाद में कहा गया कि राजश्री पान मसाला निर्माता अपने उत्पाद का फिल्म अभिनेता सलमान खान से प्रचार कराते हैं। विज्ञापन में इस उत्पाद को इलायची बताया गया है, लेकिन इसकी पैकेजिंग और प्रचार शैली के साथ शब्दों से यह लोगों को पान मसाला और गुटखा जैसे हानिकारक उत्पाद का उपयोग करने के लिए आकर्षित करता है। ऐसे में यह भ्रामक विज्ञापन की परिभाषा में आता है। परिवाद में यह भी कहा गया कि सुप्रीम कोर्ट साल 2004 में तय कर चुका है कि किसी उत्पाद का समर्थन करने वाले सेलिब्रिटी को भी उस उत्पाद की गलत जानकारी और हानिकारक प्रभावों के लिए जिम्मेदार माना जाएगा। ऐसे में इस विज्ञापन के जरिए उपभोक्ताओं को भ्रमित करने के लिए फिल्म अभिनेता पूरी तरह से जिम्मेदार है। पान मसाला निर्माता कंपनी अपने उत्पाद का प्रचार केसर युक्त पान मसाला एवं इलायची के रूप में कर रही है। जबकि इसके पांच और बीस रुपए के पाउच में करीब चार लाख रुपये प्रति किलोग्राम की केसर होना असंभव है। परिवाद में गुहार की गई कि इस भ्रामक विज्ञापन पर रोक लगाई जाए और निर्माता और अभिनेता पर पचास लाख रुपये का हर्जाना लगाया जाए।
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हिन्दुस्थान समाचार / पारीक