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मीरजापुर, 05 जनवरी (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के मीरजापुर जनपद में हलिया विकास खंड में बीते दिनों हुई तूफानी बारिश और तेज हवाओं से धान की फसल को भारी नुकसान हुआ था। खेतों और खलिहानों में रखी फसल सड़कर नष्ट हो गई, लेकिन किसानों को न तो फसल बीमा का लाभ मिल पाया है और न ही शासन स्तर से कोई राहत। इससे केसीसी (किसान क्रेडिट कार्ड) धारक किसानों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
किसानों का कहना है कि उन्होंने फसल बीमा कराया था और केसीसी खाते से बीमा प्रीमियम की कटौती भी की गई, फिर भी अब तक बीमा क्लेम नहीं मिला। उल्टा बैंकों द्वारा केसीसी ऋण जमा कराने का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। किसानों को बीमा राशि पर ब्याज भी चुकाना पड़ रहा है, जिससे उनकी परेशानी और बढ़ गई है।
बेदउर गांव निवासी शैलेंद्र कुमार उर्फ साहब लाल, मझिगवा के ठाकुर प्रसाद, पट्टर, कुशियरा के शैलेंद्र बहादुर, बंजारी के केन्द्र प्रताप सिंह, सुख्खी चंद सिंह, दिनेश प्रताप सिंह सहित अन्य केसीसी धारकों ने बताया कि धान की फसल पूरी तरह बर्बाद हो चुकी है। इस समय गेहूं की फसल की सिंचाई और खाद के लिए धन की सख्त जरूरत है, लेकिन आर्थिक संकट के चलते खेती करना भी मुश्किल हो गया है।
किसानों ने आरोप लगाया कि बीमा कंपनी और संबंधित विभागों की उदासीनता से वे दोहरी मार झेल रहे हैं। किसानों का कहना है कि यदि जल्द ही फसल बीमा का भुगतान और राहत नहीं मिली तो उन्हें न्याय के लिए न्यायालय का दरवाजा खटखटाना पड़ेगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / गिरजा शंकर मिश्रा