मानकी मुंडा संघ ने की बैठक, पंचायत उपबंध नियमावली का जताया विरोध
पश्चिमी सिंहभूम, 05 जनवरी (हि.स.)। पश्चिमी सिंहभूम जिला मुख्यालय चाईबासा के मंगला हाट स्थित मानकी मुंडा रेस्ट हाउस में सोमवार को मानकी मुंडा संघ कोल्हान पोड़ाहाट केंद्रीय कमेटी की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय अध्यक्
मानकी मुंडा संघ कोल्हान पोड़ाहाट की बैठक


पश्चिमी सिंहभूम, 05 जनवरी (हि.स.)।

पश्चिमी सिंहभूम जिला मुख्यालय चाईबासा के मंगला हाट स्थित मानकी मुंडा रेस्ट हाउस में सोमवार को मानकी मुंडा संघ कोल्हान पोड़ाहाट केंद्रीय कमेटी की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय अध्यक्ष गणेश पाठ पिंगुवा ने की।

बैठक में झारखंड पंचायत उपबंध (अनुसूचित क्षेत्र) नियमावली 2025 पर विस्तार से चर्चा की गई और इसे असंवैधानिक बताते हुए सर्वसम्मति से खारिज कर दिया गया। इस दौरान पंचायत उपबंध (अनुसूचित क्षेत्रों पर विस्तार) अधिनियम 1996 (पेसा) तथा झारखंड पंचायत राज अधिनियम 2001 की धारा 131 (1) के तहत बनाई गई नियमावली 2025 के विभिन्न प्रावधानों की समीक्षा की गई।

संघ ने झारखंड सरकार के पंचायती राज विभाग की ओर से दो जनवरी 2026 को जारी अधिसूचना के माध्यम से नियमावली को दी गई संवैधानिक स्वीकृति पर गंभीर आपत्ति जताई। संघ का कहना है कि पेसा अधिनियम 1996 की धारा पांच के अनुसार अधिनियम के गजट में प्रकाशित होने के एक वर्ष के भीतर नियमावली बनना अनिवार्य था, जबकि झारखंड सरकार ने लगभग 29 वर्षों के बाद नियमावली अधिसूचित की है, जो संविधान के प्रावधानों के विरुद्ध है।

बैठक में यह भी कहा गया कि पेसा अधिनियम 1996 संसद की ओर से पारित एवं राष्ट्रपति द्वारा अनुमोदित विशेष कानून है, जो केवल अनुसूचित क्षेत्रों में लागू होता है, जबकि झारखंड पंचायत राज अधिनियम 2001 राज्य विधानसभा द्वारा पारित सामान्य कानून है, जो सभी क्षेत्रों के लिए बनाया गया है।

संघ ने आरोप लगाया कि नियमावली 2025 में ग्राम सभा की परिभाषा झारखंड पंचायत राज अधिनियम 2001 की धारा 3 के आधार पर की गई है, जबकि पेसा अधिनियम 1996 की धारा 4 (म)(i) से 4 (म)(vii) तक ग्राम सभा को सात विशेष शक्तियां प्रदान की गई हैं।

इन शक्तियों का नियमावली में उल्लंघन किया गया है। साथ ही नियमावली में लगभग 25 अन्य अधिनियमों एवं नियमावलियों को सम्मिलित करना संविधान की पांचवीं अनुसूची के विपरीत बताया गया।

बैठक में सरकार से मांग की गई कि पेसा अधिनियम 1996 की धारा 3, धारा 4 (म) एवं धारा 5 के अनुरूप अनुसूचित क्षेत्रों में स्वशासी परिषद का गठन किया जाए तथा निचले स्तर पर सशक्त ग्राम सभा की स्थापना के लिए अलग से अधिसूचना जारी की जाए।

इस बैठक में कृष्णा सामाड मानकी, कामिल केराई मानकी, ललित सावैंया मानकी, दलप देवगम मानकी, कृष्णा सिंकू, सुशील कुमार सिंकु, सूबेदार देवगम, बागुन सोय मानकी, प्रभु सहाय देवगम सहित बड़ी संख्या में मानकी-मुंडा और सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित थे।

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हिन्दुस्थान समाचार / गोविंद पाठक