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रांची, 05 दिसंबर (हि.स.)। झारखंड में हजारीबाग जिले के उपायुक्त (डीसी) रहते हुए सेवायत भूमि की अवैध खरीद-बिक्री में कथित संलिप्तता के आरोप में जेल में बंद भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारी विनय चौबे की जमानत याचिका पर सोमवार को झारखंड उच्च न्यायालय में सुनवाई हुई। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है।
यह मामला झारखंड उच्च न्यायालय के न्यायाधीश जस्टिस संजय कुमार द्विवेदी की अदालत में विचाराधीन है। विनय चौबे ने जिस मामले में जमानत की मांग की है, उसमें अगस्त माह में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इस संबंध में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने कांड संख्या 9/2025 दर्ज किया है।
इससे पूर्व हजारीबाग एसीबी की विशेष अदालत ने 16 सितंबर को विनय चौबे की जमानत याचिका खारिज कर दी थी, जिसके बाद उन्होंने उच्च न्यायालय का रुख किया है।
मामले में एसीबी की ओर से विनय चौबे के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। सुनवाई के दौरान एसीबी की ओर से विशेष लोक अभियोजक सुमित गड़ोदिया ने पक्ष रखा, जबकि विनय चौबे की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता आर.एस. मजूमदार ने न्यायालय में बहस की।--------------
हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे