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जयपुर, 06 जनवरी (हि.स.)। पॉक्सो मामलों की विशेष अदालत क्रम-1 महानगर प्रथम ने अपनी 9 साल की नाबालिग पुत्री के साथ कई बार दुष्कर्म करने वाले अभियुक्त पिता को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने अभियुक्त पर 1.50 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया है। पीठासीन अधिकारी मीना अवस्थी ने अपने आदेश में कहा कि पीडिता की मां अपनी बेटी को अभियुक्त के पास इस विश्वास के साथ छोड़कर पीहर गई थी कि वह उसके पास सबसे अधिक सुरक्षित रहेगी, लेकिन अभियुक्त ने भक्षक बनकर उसके साथ कई बार दुष्कर्म कर रिश्तों की गरिमा को तार-तार कर दिया। ऐसे में अभियुक्त के प्रति नरमी का रुख नहीं अपनाया जा सकता।
अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक सुरेन्द्र सिंह राजावत ने अदालत को बताया कि गत 6 मार्च को पीडिता ने अपनी मकान मालकिन के साथ प्रताप नगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में कहा था कि उसकी मां तीन दिन पहले उसे पिता के पास छोड़कर अपने पीहर गई थी। रात के समय उसके पिता ने उसके साथ दुष्कर्म किया और सुबह स्कूल छोड़कर आ गए। वहीं अगली रात को भी पिता ने उसके साथ दुष्कर्म किया। तीसरे दिन जब उसकी आंटी गांव से आई तो उसने पिता की ओर से गंदा काम करने की बात बताई। इस पर आंटी ने पुलिस को फोन कर दिया। रिपोर्ट पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने अभियुक्त को गिरफ्तार कर अदालत में आरोप पत्र पेश किया। वहीं दूसरी ओर अभियुक्त की ओर से अपने बचाव में कहा गया कि उसका अपनी पत्नी से विवाद हो गया था। जिसके कारण वह उसे छोड़कर पीहर चली गई थी। इस विवाद के चलते उसने पीडिता के माध्यम से उसके खिलाफ झूठा मामला दर्ज कराया है और जांच अधिकारी ने साक्ष्य स्वयं सृजित किए हैं। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद अदालत ने अभियुक्त को दोषी मानते हुए सजा सुनाई है।
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हिन्दुस्थान समाचार / पारीक