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नोएडा, 06 जनवरी (हि.स.)। गौतमबुद्ध नगर जिला न्यायालय ने 14 साल पहले हुई एक स्कूल के चपरासी की हत्या के मामले में दोषी धर्मवीर निवासी वैदपुरा को आज उम्रकैद की सजा सुनाई। अदालत ने उस पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। इस मामले में एक आरोपी को न्यायालय ने बरी कर दिया, जबकि एक आरोपी की मौत हो चुकी है।
एडीजीसी शिल्पी भदोरिया ने मंगलवार काे बताया कि यह मामला वर्ष 2011 का है। वादी धीरज सिंह ने थाना बिसरख पुलिस को बताया था कि उसका भाई कालू राम उर्फ कल्लू निवासी ग्राम वैदपुरा गाजियाबाद के एक स्कूल में चपरासी था। वह 29 मार्च 2011 को घर से निकला था, लेकिन वापस नहीं आया।
परिजनों ने कल्लू की काफी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद 31 मार्च 2011 को थाने में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई गई। इसी बीच पुलिस को सूचना मिली कि थाना क्षेत्र में एक अज्ञात शव पड़ा है। शव की पहचान कालू राम उर्फ कल्लू के रूप में हुई। पुलिस जांच में सामने आया कि गांव के ही रहने वाले धर्मवीर, अशोक और महेंद्र ने 80 हजार रुपये के लेनदेन को लेकर कल्लू की हत्या की। आरोपियों ने शव को खेत में फेंककर पहचान छिपाने के लिए मुंह पर तेजाब डाल दिया था। पुलिस ने घटना का खुलासा कर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया।
इसके बाद कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की गई। केस की सुनवाई के दौरान एक आरोपी महेंद्र की मौत हो गई। इस मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पास्को-तृतीय गौतम बुद्ध नगर राजेश कुमार मिश्रा की न्यायालय में चल रही थी। न्यायालय ने अब इस मामले में आरोपी धर्मवीर को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही सबूत के अभाव में एक आरोपित अशोक को बरी कर दिया गया है।
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हिन्दुस्थान/सुरेश
हिन्दुस्थान समाचार / सुरेश चौधरी