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यमुनानगर, 05 जनवरी (हि.स.)। जिले में 105 करोड़ की लागत से तैयार किया गया अत्याधुनिक जिला नागरिक अस्पताल खुद सुरक्षा के अभाव में जूझ रहा है। जिले के सबसे बड़े अस्पताल में एक भी सुरक्षाकर्मी तैनात नहीं है, जबकि करोड़ों रुपये के मेडिकल उपकरण, मशीनरी और अन्य संसाधन खुले में पड़े हैं। सुरक्षा व्यवस्था न होने का नतीजा यह है कि अस्पताल परिसर चोरी की घटनाओं का केंद्र बनता जा रहा है। डॉक्टरों और कर्मचारियों की उपस्थिति दर्ज करने वाली बायोमीट्रिक मशीन, ऑक्सीजन सिलिंडर, लोहे के दरवाजे-खिड़कियां और यहां तक कि कई टन वजनी साइलेंट जनरेटर तक चोरी हो चुके हैं। इसके बावजूद सुरक्षा को लेकर अब तक कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई है।
यह अस्पताल रोजाना और छुट्टियों के दिन भी खुला रहता है। फिलहाल अस्पताल परिसर में दो करोड़ रुपये से अधिक की लागत से नवीनीकरण कार्य चल रहा है। निर्माण कार्य कर रहे ठेकेदार का भी काफी सामान चोरी हो चुका है। इसके अलावा इलाज के लिए आने वाले मरीजों की बाइक चोरी होना आम हो गया है। उद्घाटन के बाद से अब तक दर्जनभर से ज्यादा बाइक चोरी की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिससे मरीजों और उनके परिजनों में डर और असुरक्षा का माहौल है। पिछले कुछ महीनों में हुई घटनाएं हालात की गंभीरता को और उजागर करती हैं। इस संबंध में जिला नागरिक अस्पताल के पीएमओ डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था बेहद जरूरी है और इसके लिए आवश्यक प्रबंध किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जल्द ही सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की जाएगी, ताकि अस्पताल, मरीजों और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार