हरियाणा को मिले कॉमनवेल्थ खेलों की मेजबानी : दीपेंद्र हुड्डा
चंडीगढ़, 06 जनवरी (हि.स.)। हरियाणा के रोहतक के सांसद दीपेन्द्र हुड्डा ने केंद्र सरकार को कॉमनवेल्थ खेलों के आयोजन के मुद्दे पर घेरते हुए कहा है कि इन खेलों की मेजबानी अथवा सह मेजबानी हरियाणा को मिले। अब तक हरियाणा का प्रदर्शन अन्य राज्यों के मुकाबल
कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा व अन्य नेता पत्रकाराें से बातचीत करते हुए


चंडीगढ़, 06 जनवरी (हि.स.)। हरियाणा के रोहतक के सांसद दीपेन्द्र हुड्डा ने केंद्र सरकार को कॉमनवेल्थ खेलों के आयोजन के मुद्दे पर घेरते हुए कहा है कि इन खेलों की मेजबानी अथवा सह मेजबानी हरियाणा को मिले। अब तक हरियाणा का प्रदर्शन अन्य राज्यों के मुकाबले सबसे बेहतर रहा है। वे

यह मुद्दा लोकसभा में भी उठा चुके हैं।

मंगलवार को चंडीगढ़ में पत्रकारों से बातचीत में दीपेंद्र ने कहा कि हरियाणा ऐसा राज्य है जो कॉमनवेल्थ गेम्स, एशियन गेम्स और ओलंपिक में 50 प्रतिशत मेडल भारत के लिए जीतकर लाता है, लेकिन उसे नजरअंदाज कर दिया गया। पिछले 4 ओलंपिक में देश को मिले कुल मेडल में से आधे से ज्यादा हरियाणा के खिलाडिय़ों ने जीते। पिछले ओलंपिक में करीब 25 प्रतिशत खिलाड़ी हरियाणा से थे।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2006 के बाद से ओलंपिक समेत जितने भी खेल हुए उनमें 50 प्रतिशत मेडल और 25 प्रतिशत खिलाडिय़ों का हिस्सा हरियाणा का है। लेकिन जब कॉमनवेल्थ खेल 2030 के आयोजन की मेजबानी का अवसर हमारे देश को मिला तो मेजबान प्रदेश के चयन में केंद्र की भाजपा सरकार ने हरियाणा को नहीं चुना। बल्कि इसके लिए गुजरात का चयन किया गया। कॉमनवेल्थ खेल 2030 के लिए लाखों करोड़ का निवेश अब अहमदाबाद में होगा, खेल का ढांचा तैयार होगा। अगर यही खेल का ढांचा, स्टेडियम और डेवलपमेंट पर लाखों करोड़ों खर्चा हरियाणा में होता।

उन्होंने कहा कि देश में 60 किलोमीटर पर टोल होने का नियम है लेकिन हरियाणा में दो टोल के बीच औसत दूरी सबसे कम 45 किलोमीटर है जो गुजरात में 200 किलोमीटर, केरल में 223 किलोमीटर, राजस्थान में 100 किलोमीटर है। यही नहीं प्रति वर्ष प्रति किलोमीटर कलेक्शन हरियाणा में 70, गुजरात में 30 लाख, कर्नाटक में 35 लाख, झारखंड में 19 लाख, कर्नाटक में 35 लाख, महाराष्ट्र में 21 लाख है।

दीपेंद्र ने आरोप लगाया कि हरियाणा में एचपीएससी के माध्यम से ग्रुप ए और ग्रुप बी की जो नौकरियां लग रही हैं उसमें ज्यादातर बाहर के बच्चे लगाए जा रहे हैं। एक के बाद एक लिस्ट आती है उसमें हरियाणा के बाहर के बच्चे चयनित होते हैं। यहां तक कि एचपीएससी के चेयरमैन भी बाहर के लगे हुए हैं। उन्होंने सवाल किया कि क्या 3 करोड़ हरियाणा वासियों में एक भी कोई ऐसा कोई नागरिक हरियाणा का नहीं मिला जो एचपीएससी चेयरमैन लग सके। जबकि यूपीएससी के चेयरमैन और यूपीएससी के सदस्य तक हरियाणा के लोग रहे हैं, मगर एचपीएससी में कोई इतना काबिल नहीं मिल पाया।

पत्रकार वार्ता के दौरान सांसद जय प्रकाश जेपी, सांसद वरुण मुलाना, सांसद सतपाल ब्रह्मचारी, पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष उदयभान, 2 दर्जन विधायक, पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा