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चंडीगढ़, 05 जनवरी (हि.स.)। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कहा है कि केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा में किए गए संशोधन हरियाणा में श्रमिकों के लिए हितकारी होंगे।
सोमवार को चंडीगढ़ में पत्रकारों से बातचीत में सैनी ने कहा कि विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) यानी विकसित भारत–जी राम जी से हरियाणा में हर श्रमिक को इस योजना के तहत 10 हजार रुपये वार्षिक से अधिक मिलेंगे। इसकी वजह यह है कि पूरे देश में हरियाणा में मजदूरी की दर सबसे ज्यादा है। यहां 400 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से सरकार श्रमिकों को मजदूरी देती है। इस योजना के तहत हरियाणा में 65 प्रतिशत से अधिक महिलाओं को लाभ मिला है। इसके अलावा 50 प्रतिशत से ज्यादा अनुसूचित जाति वर्ग के श्रमिकों को रोजगार दिया गया है।
उन्होंने कहा कि इसमें कार्यों की प्रगति को भी बदला गया है। मनरेगा योजना लगभग 20 साल पहले शुरू की गई थी। मनरेगा और ऐसी ही कई योजनाओं की प्रकृति ऐसी थी कि इन्हें तैयार किया जाता है, पारित किया जाता है और लागू किया जाता है। इसमें सुधार भी किया जाता है। उन्होंने कहा कि मनरेगा में कई समस्याएं सामने आईं। मनरेगा के तहत श्रमिकों के बजाय मशीनों का प्रयोग किया गया। बजट का अत्यधिक अनुमान, पहले से की गई योजनाओं को तोड़कर दोबारा करना। ऐसी ही कई कमियां इस योजना में देखने को मिली थी। इन सब कमियों से श्रमिकों को लाभ नहीं मिल रहा था। अब समय बदल गया है। गांव में गरीबी भी कमी आई है। करीब 5 प्रतिशत की कमी आई है। अब देश में 25 प्रतिशत लोग गरीबी रेखा से ऊपर उठे हैं। ऐसे में एक पुराने खामियों से भरे ढांचे को बिना सुधार के ढोते रहना श्रमिकों के हित में नहीं था, न ही ये राष्ट्र हित में था।
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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा