आईआईटी खड़गपुर में यंग इनोवेटर्स प्रोग्राम का सातवां संस्करण संपन्न
खड़गपुर, 04 जनवरी (हि. स.)। रविवार को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) खड़गपुर में यंग इनोवेटर्स प्रोग्राम (वाईआईपी) के सातवें संस्करण का समापन पुरस्कार वितरण समारोह के साथ सफलतापूर्वक हुआ। कार्यक्रम में देशभर के विद्यालयों से आए छात्रों की नवा
आईआईटी खड़गपुर में यंग इनोवेटर्स प्रोग्राम के विजेता प्रतिभागी।


सुकांता मजूमदार


खड़गपुर, 04 जनवरी (हि. स.)। रविवार को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) खड़गपुर में यंग इनोवेटर्स प्रोग्राम (वाईआईपी) के सातवें संस्करण का समापन पुरस्कार वितरण समारोह के साथ सफलतापूर्वक हुआ। कार्यक्रम में देशभर के विद्यालयों से आए छात्रों की नवाचार क्षमता, रचनात्मक सोच और सामाजिक सरोकारों का प्रदर्शन देखने को मिला।

समारोह के मुख्य अतिथि केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री डॉ. सुकांत मजूमदार ने छात्रों को संबोधित करते हुए जिज्ञासु बने रहने, प्रश्न पूछने और समाज की चुनौतियों के समाधान के लिए नवाचार अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवा शक्ति ही देश के भविष्य की दिशा तय करेगी।

इस अवसर पर आईआईटी खड़गपुर के निदेशक प्रो. डॉ. सुमन चक्रवर्ती, अधिष्ठाता (अंतरराष्ट्रीय संबंध) प्रो. आनंदरूप भट्टाचार्य, सह-अधिष्ठाता (अंतरराष्ट्रीय संबंध) प्रो. अर्कपाल किशोर गोस्वामी सहित संस्थान के वरिष्ठ अधिकारी, संकाय सदस्य, मेंटर्स, कर्मचारी और छात्र उपस्थित रहे।

यंग इनोवेटर्स प्रोग्राम आईआईटी खड़गपुर की प्रमुख आउटरीच पहल है, जिसका उद्देश्य स्कूली छात्रों को वास्तविक जीवन की समस्याओं से जोड़कर मार्गदर्शन, सहयोग और अनुभवात्मक शिक्षण के माध्यम से रचनात्मक समाधान विकसित करना है। इस वर्ष देश के विभिन्न विद्यालयों के छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कार्यक्रम में प्रस्तुत परियोजनाएं खाद्य सुरक्षा, शिक्षा में नवाचार, सतत पर्यावरण, विशेष रूप से सक्षम व्यक्तियों के लिए प्रौद्योगिकी तथा किफायती स्वास्थ्य समाधान जैसे विषयों पर आधारित रहीं।

पुरस्कार विजेता में सीनियर श्रेणी में प्रथम पुरस्कार विलाया रेव को प्रदान किया गया, जबकि द्वितीय पुरस्कार सोनोस्टेप ने प्राप्त किया। तृतीय पुरस्कार संयुक्त रूप से पैचडेव्स एवं हाइजीन हैकर्स को दिया गया।

वहीं, जूनियर श्रेणी में प्रथम पुरस्कार स्लंबर के नाम रहा। द्वितीय पुरस्कार ट्राइबोटिक्स जीबीजी क्रू को मिला, जबकि तृतीय पुरस्कार बीजीकेवी धन्यागारन ने हासिल किया।

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हिन्दुस्थान समाचार / अभिमन्यु गुप्ता