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जगदलपुर, 04 जनवरी (हि.स.)। बस्तर पुलिस ने तकनीक के इस्तेमाल से पुलिसिंग को और अधिक पारदर्शी व व्यवस्थित बनाने की दिशा में एक अहम कदम उठाया है । जिले के थानों में स्थित मालखानों को अब हाईटेक किया जा रहा है । इसके तहत मालखाना में आने वाले हर जब्त सामान पर यूनिक क्यूआर कोड लगाया जा रहा है । इस नई व्यवस्था से मालखाना प्रबंधन पूरी तरह डिजिटल हो जाएगा। क्यूआर कोड स्कैन करते ही यह जानकारी सामने आ जाएगी कि संबंधित सामान किस केस से जुड़ा है, कब जब्त हुआ, किस थाना क्षेत्र से आया और उसकी वर्तमान स्थिति क्या है। इससे पहले भी बस्तर पुलिस ने अपराधियों के रिकार्ड को आनलाइन करने और एक क्लिक में अपराधियों के डाटा देखने की व्यवस्था कर चुकी है ।
अब तक मालखाना रजिस्टर में मैन्युअल एंट्री की जाती थी, जिससे गलती या जानकारी अपडेट न होने की आशंका बनी रहती थी। क्यूआर कोड सिस्टम लागू होने के बाद एक क्लिक में पूरी जानकारी उपलब्ध होगी। मोबाइल या कंप्यूटर से स्कैन करते ही केस नंबर, जब्ती तारीख, धारा, फरियादी और जांच अधिकारी की जानकारी भी देखी जा सकेगी। नई व्यवस्था से कोर्ट में पेशी के दौरान जब्त सामान पेश करना आसान होगा। इसके अलावा केस प्रॉपर्टी की ट्रैकिंग आसान होगी, पुराने मामलों के सामान की पहचान तुरंत हो सकेगी, ऑडिट और निरीक्षण में समय की बचत होगी। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, यह पहल डिजिटल पुलिसिंग और ई-गवर्नेस की दिशा में एक मजबूत कदम है। भविष्य में इस सिस्टम को और अपग्रेड कर अन्य तकनीकी सुविधाएं भी जोड़ी जाएंगी। यह प्रयोग सफल होने पर इसे बस्तर संभाग के अन्य जिलों में भी लागू किया जा सकता है।
बस्तर एसपी शलभ सिन्हा ने बताया कि अभी मालखाना को हाइटेक किया जा रहा है, हर सामान पर क्यूआर कोड लगाया जा रहा है। मालखाना में रखे गए सामान के गुम होने, खराब होने या पहचान में दिक्कत जैसी समस्याएं अक्सर सामने आती थीं। अब क्यूआर कोड के जरिए हर सामान की डिजिटल पहचान होगी। इससे न सिर्फ सामान सुरक्षित रहेगा बल्कि यह भी तय हो सकेगा कि किसी भी लापरवाही के लिए जिम्मेदार कौन है।
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हिन्दुस्थान समाचार / राकेश पांडे