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तृणमूल ने बीएलओ की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
हुगली, 03 जनवरी (हि.स.)। पश्चिम बंगाल के हुगली जिले के डानकुनी में एक कथित बांग्लादेशी घुसपैठिए को अवैध मतदाता के रूप में चिह्नित किए जाने को लेकर एक बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) पर हमला करने का आरोप लगा है। यह मामला शनिवार को डानकुनी नगरपालिका के वार्ड नंबर 2 में चर्चा का विषय बन गया। वहीं, तृणमूल कांग्रेस ने संबंधित बीएलओ की कार्यप्रणाली और अधिकार क्षेत्र पर सवाल खड़े किए हैं।
डानकुनी वार्ड नंबर दो के बूथ नंबर पांच की बीएलओ बिमली टुडू हांसदा का आरोप है कि उन्होंने अपने जिम्मेदारी वाले क्षेत्र से सटे बूथ नंबर छह के एक मतदाता अब्दुल रहीम गाजी के संबंध में कुछ जानकारी अपने वरिष्ठ अधिकारियों को दी थी। इसके बाद वह गाजी और उसके परिवार के निशाने पर आ गईं। बीएलओ का दावा है कि उनके साथ मारपीट की गई ।
बिमली टुडू ने आरोप लगाया कि गाजी की पत्नी उनके घर तक आकर उन्हें धमका रही है। बीएलओ के अनुसार, उन्होंने अपने वरिष्ठों को बताया था कि अब्दुल रहीम गाजी बांग्लादेशी नागरिक है। इसके बाद ही उनके ऊपर हमला किया गया। बीएलओ का यह भी कहना है कि अब्दुल रहीम गाजी का नाम मतदाता सूची में नहीं है और उसने बर्दवान के एक व्यक्ति को अभिभावक दिखाकर अपना नाम दर्ज कराने की कोशिश की थी। इस पूरी जानकारी को उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचाया था, जिसके बाद उन्हें कथित रूप से प्रताड़ित किया गया।
बीएलओ ने कहा, “मुझे जूते से मारा गया। पड़ोसियों ने सब देखा। उसकी पत्नी मेरे घर आकर हंगामा कर रही है। मैंने पुलिस को इसकी सूचना दे दी है।”
दूसरी ओर, स्थानीय सूत्रों के मुताबिक गाजी की पत्नी रानी और बीएलओ बिमली टुडू एक ही नर्सिंग होम में काम करती हैं और दोनों के बीच कार्यस्थल पर पहले से विवाद चल रहा था। रानी का दावा है कि उसी व्यक्तिगत विवाद को बीएलओ मतदाता सत्यापन (एसआईआर) के मुद्दे से जोड़ रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने ही दोनों पक्षों के बीच विवाद को शांत कराया।
घटना के बाद वार्ड के तृणमूल कांग्रेस पार्षद शेख अशरफ हुसैन ने मामले को सुलझाने की कोशिश की और दोनों पक्षों को बातचीत के लिए बुलाया, लेकिन बीएलओ वहां नहीं पहुंचीं। इसके बाद बीएलओ ने डानकुनी थाने में शिकायत दर्ज कराई।
इस पूरे मामले पर वार्ड नंबर दो के पार्षद अशरफ हुसैन ने कहा,
“कौन बांग्लादेशी है और कौन भारतीय, इसका फैसला चुनाव आयोग करेगा। बीएलओ जो मारपीट का आरोप लगा रही हैं, उसमें वह खुद महिलाओं को लेकर वहां गई थीं। अगर कोई महिला दस लोगों के सामने किसी का कॉलर पकड़कर मारती है, तो उस स्थिति में वह क्या करेगी? उनका काम सिर्फ जानकारी देना है। उन्हें ये सब करने का अधिकार नहीं है।”
वहीं स्थानीय निवासी और श्रीरामपुर सांगठनिक जिला भाजपा के उपाध्यक्ष दिलीप सिंह ने आरोप लगाया कि डानकुनी नगरपालिका का दो नंबर वार्ड अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों से भरा पड़ा है। टीएमसी के लोग उन घुसपैठियों को बचाने में लगे हैं। एसआईआर सुनवाई के दौरान भी टीएमसी के नेता अधिकारियों के साथ बैठे दिख रहे हैं । इन सबके खिलाफ चुनाव आयोग को कठोर कार्रवाई करनी चाहिए।
फिलहाल इस घटना को लेकर इलाके में तनाव है और पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / धनंजय पाण्डेय