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सिलीगुड़ी, 05 जनवरी (हि. स.)। सरकारी स्कूलों में अतिरिक्त फीस वसूली के आरोप को लेकर शिक्षा विभाग के डिपार्टमेंट ऑफ स्कूल एजुकेशन (डीआई) कार्यालय परिसर में भारी हंगामा देखने को मिला।
स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) के आह्वान पर सोमवार को संगठन के कार्यकर्ता और समर्थक डीआई कार्यालय घेराव अभियान में शामिल हुए।
एसएफआई का आरोप है कि राज्य सरकार द्वारा सरकारी स्कूलों की निर्धारित फीस जहां 240 रुपये है, वहीं कई स्कूलों में अवैध रूप से 400 रुपये, कहीं 500 रुपये और कुछ मामलों में 600 रुपये तक वसूले जा रहे हैं। यह अतिरिक्त राशि क्यों ली जा रही है, किसके निर्देश पर ली जा रही है और यह पैसा कहां जा रहा है।
इन सभी सवालों के जवाब की मांग को लेकर एसएफआई ने डीआई कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान एसएफआई कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी कर शिक्षा विभाग के खिलाफ तीखा विरोध जताया।
संगठन का कहना है कि सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के छात्र-छात्राओं पर आर्थिक बोझ डाला जा रहा है, जो पूरी तरह अवैध और अमानवीय है। शिक्षा को व्यवसाय नहीं बनने देने के उद्देश्य से ही यह आंदोलन किया जा रहा है।
इस संदर्भ में एसएफआई दार्जिलिंग जिला सचिव अंकित दे ने कहा, पूरे राज्य में जबरन वसूली का राज चल रहा है। अब सरकारी स्कूलों में भी वसूली शुरू हो गई है। चुनाव सामने हैं और उसी के लिए छात्रों और अभिभावकों से अवैध रूप से पैसे वसूले जा रहे हैं।
उन्होंने मांग की कि तत्काल अतिरिक्त फीस वसूली बंद की जाए और दोषी स्कूल प्रबंधन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही उन्होंने भविष्य में और बड़े आंदोलन की चेतावनी भी दी।
घेराव अभियान के दौरान कुछ समय के लिए डीआई कार्यालय परिसर में तनाव की स्थिति बनी रही, हालांकि स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल तैनात था। अंततः अतिरिक्त फीस वसूली बंद करने की मांग को लेकर अधिकारियों से बातचीत के बाद एसएफआई ने अपना कार्यक्रम अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया।
हिन्दुस्थान समाचार / सचिन कुमार