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नोएडा, गौतम बुद्ध नगर, 30 अगस्त (हि.स.)। मैटेरियल साइंस में विश्व की अग्रणी कंपनियों में से एक कॉर्निंग इनकॉरपोरेटेड द्वारा विकसित टेक्नोलॉजी- इंजीनियर्ड बाय कॉर्निंग के साथ टेंपर्ड ग्लास के लिए देश के प्रथम विनिर्माण संयंत्र का उत्तर प्रदेश के नोएडा के सेक्टर 65 में आज उद्घाटन हुआ।
इस विनिर्माण इकाई का उद्घाटन भारत के केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी, सूचना एवं प्रसारण और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव द्वारा किया गया। वित्त वर्ष 2024-25 में भारत का कुल इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन 11 लाख, 70 हजार करोड़ रुपये का स्तर पार कर गया और यह देश विश्व में दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल विनिर्माण देश बन गया। इस इकाई में 70 करोड़ रुपये के शुरुआती निवेश से अत्याधुनिक आधारभूत ढांचा तैयार किया गया है जिससे कच्चे माल को पूरी तरह से उत्कृष्ट गुणवत्ता वाले टेंपर्ड ग्लास में तब्दील करना सुगम होगा। प्रथम चरण में सालाना 2.5 करोड़ यूनिट की स्थापित क्षमता होगी जिससे 600 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा।
दूसरे चरण में ऑप्टिमस 800 करोड़ रुपये के अतिरिक्त निवेश से स्थानीय एवं वैश्विक बाजारों के लिए क्षमता बढ़ाकर सालाना 20 करोड़ यूनिट पर ले जाएगी जिससे 4,500 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार के उपलब्ध होंगे। इस विनिर्माण संयंत्र का उद्घाटन करते हुए अश्विनी वैष्णव ने कहा, “हमें ऑप्टिमस और कॉर्निंग के बीच यह साझीदारी और आज उत्पादन शुरू होता देख प्रसन्नता हो रही है। भारत में कंपोनेंट्स के लिए संपूर्ण पारितंत्र तेजी से विकसित हो रहा है। पिछले 11 वर्षों में इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण छह गुना बढ़ा है और करीब 3.5 लाख करोड़ रुपये के निर्यात के साथ आज यह 11.5 लाख करोड़ रुपये का उद्योग है। यह एक शानदार उपलब्धि है और प्रधानमंत्री के विजन का एक प्रमाण है। कदम दर कदम हमारी योजना निकट भविष्य में भारत में मोबाइल उपकरणों में इस्तेमाल होने वाले प्रत्येक कंपोनेंट का यहां विनिर्माण करने की है।
हम भारत में अनुसंधान और विकास को भी प्रोत्साहन देते हैं और एक वैश्विक ताकत बनने की दिशा में काम कर रहे हैं। आज टेंपर्ड ग्लास विनिर्माण संयंत्र में परिचालन शुरू होने के साथ हम जल्द ही “मेड इन इंडिया” चिप्स भी देखेंगे। इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण उद्योग बढ़िया आकार ले रहा है और वर्तमान में यह करीब 25 लाख नौकरियों का सृजन करता है।” टेंपर्ड ग्लास के लिए ऐसा अनुमान है कि घरेलू बाजार करीब 20,000 करोड़ रुपये के खुदरा मूल्य के साथ 50 करोड़ से अधिक इकाइयों का है जिससे इस देश में व्यापक अवसरों का पता चलता है। वैश्विक बाजार 60 अरब डॉलर से अधिक का है। इस अवसर पर, ऑप्टिमस इंफ्राकॉम लिमिटेड के चेयरमैन अशोक कुमार गुप्ता ने कहा कि यह भारतीय इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण उद्योग और मेक इन इंडिया विजन के लिए एक ऐतिहासिक क्षण है।
विश्व के सबसे बड़े मोबाइल फोन बाजारों में से एक होने के बावजूद भारत टेंपर्ड ग्लास के लिए आयात पर निर्भर है। इस पहल के साथ हम सर्वोत्तम गुणवत्ता के उत्पादों के साथ भारतीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजारों को सपोर्ट करने के लिए वैश्विक स्तर की क्षमताएं विकसित करने की संभावना तलाश रहे हैं। हमारी आकांक्षा है कि प्रत्येक भारतीय मोबाइल फोन यूज़र अपने स्क्रीन की सुरक्षा के लिए बीआईएस प्रमाणन और फॉग मार्किंग के साथ मेड इन इंडिया टेंपर्ड ग्लास का उपयोग करे। इंडिया सेलुलर एंड इलेक्ट्रॉनिक्स एसोसिएशन (आईसीईए) के चेयरमैन पंकज मोहिंद्रू ने कहा कि इस उत्पाद सेगमेंट में बहुत अधिक श्रम आधारित विनिर्माण प्रक्रिया शामिल है और यह न केवल घरेलू मांग पूरी करने, बल्कि एक अग्रणी निर्यातक बनने के भी लिहाज से भारत के लिए एक जबरदस्त अवसर प्रस्तुत करता है।
हिन्दुस्थान समाचार / सुरेश चौधरी