किसानों को जोड़ने के लिए संगोष्ठी, वन मंत्री बोले– पौधारोपण से ही होगा सतत विकास
औद्योगिक इकाइयों और किसानों को जोड़ने के लिए संगोष्ठी, वन मंत्री बोले– पौधारोपण से ही होगा सतत विकास
संगोष्ठी में किसानों व औद्योगिक इकाइयों को संबोधित करते वन मंत्री।


कार्यक्रम में मौजूद विधायक डॉ. श्याम बिहारी लाल, प्रधान मुख्य वन संरक्षक सुनील चौधरी व अन्य अधिकारी।


बरेली, 30 अगस्त (हि.स.) । पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शनिवार को फ्यूचर यूनिवर्सिटी, फरीदपुर में औद्योगिक इकाइयों व किसानों के बीच समन्वय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) वन, पर्यावरण, जंतु उद्यान एवं जलवायु परिवर्तन विभाग डॉ. अरुण कुमार शामिल हुए। उन्होंने विश्वविद्यालय परिसर में पौधारोपण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

वन मंत्री ने कहा कि प्रदेश में बड़े पैमाने पर पौधारोपण किया जा रहा है। वर्ष 2012 से 2017 तक जहां 26 करोड़ पौधे लगाए गए थे, वहीं वर्ष 2025 में एक ही दिन में 37.21 करोड़ पौधों का रोपण हुआ है। उन्होंने कहा कि अधिक पौधारोपण से ही काष्ठ आधारित उद्योगों को पर्याप्त लकड़ी मिलेगी। मंत्री ने उद्योगों को सुझाव दिया कि वे किसानों को पौधे उपलब्ध कराएं और उनसे उचित मूल्य पर लकड़ी खरीदें।

संगोष्ठी में विधायक फरीदपुर डॉ. श्याम बिहारी लाल, प्रधान मुख्य वन संरक्षक सुनील चौधरी, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक ललित कुमार वर्मा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने विभिन्न प्रजातियों के पौधे रोपित किए।

विनियर प्लाईवुड एसोसिएशन के अध्यक्ष वीरेन्द्र कुमार अग्रवाल ने कहा कि कच्चे माल की उपलब्धता बढ़ाने के लिए किसानों को प्रोत्साहित करना जरूरी है। उन्होंने एनओसी और अन्य सरकारी प्रक्रियाओं को सरल बनाने की मांग उठाई। एसोसिएशन के सदस्यों ने बताया कि बरेली का प्लाईवुड उद्योग न केवल देश बल्कि विदेशों में भी पहचान बना रहा है।

कार्यक्रम में किसानों ने कार्बन क्रेडिट योजना से हुए लाभ साझा किए। स्कूली बच्चों ने नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत कर कार्बन क्रेडिट योजना के बारे में जागरूक किया। अंत में मंत्री ने किसानों को पौधे वितरित किए और सभी अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट किए गए।

हिन्दुस्थान समाचार / देश दीपक गंगवार