शिक्षादूतों की हत्या में शामिल नक्सलियाें काे सुरक्षाबलों की निर्णायक कार्रवाई का करना पड़ेगा सामना - सुन्दरराज पी.
जगदलपुर, 30 अगस्त (हि.स.)।छत्तीसगढ़ के बस्तर आईजी सुन्दरराज पट्टलिंगम ने प्रतिबंधित नक्सली संगठन के कैडरों और उनके नेतृत्व को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि बच्चों को पढ़ाने के लिए निःस्वार्थ भाव से सेवा कर रहे युवा शिक्षादूतों की निर्मम और कायराना हत्
बस्तर आईजी सुन्दरराज पट्टलिंगम


जगदलपुर, 30 अगस्त (हि.स.)।छत्तीसगढ़ के बस्तर आईजी सुन्दरराज पट्टलिंगम ने प्रतिबंधित नक्सली संगठन के कैडरों और उनके नेतृत्व को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि बच्चों को पढ़ाने के लिए निःस्वार्थ भाव से सेवा कर रहे युवा शिक्षादूतों की निर्मम और कायराना हत्या की बस्तर पुलिस कड़े शब्दों में निंदा करती है। समाज के उत्थान और भविष्य के लिए कार्य कर रहे लोगों को जान बूझकर निशाना बनाने वाले ऐसे अमानवीय कृत्य किसी भी स्थिति में अस्वीकार्य हैं, और बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि नक्सलियों ने शिक्षादूतों की हत्या की इन हमलों का उद्देश्य स्पष्ट है, नक्सली स्थानीय जनता, विशेषकर बच्चों, को शिक्षा से वंचित करना चाहते हैं। उन्हें डर है कि एक शिक्षित और जागरूक समाज उनकी पुरानी, अमानवीय, विकास विरोधी और क्रूर विचारधारा को अस्वीकार कर देगा। उन्हाेने कहा कि निर्दोष नागरिकों और शिक्षा के लिए समर्पित शिक्षादूतों की हत्या एक अक्षम्य अपराध है। बस्तर पुलिस यह सुनिश्चित करेगी कि इन जघन्य कृत्यों के दोषियों की पहचान की जाए, उनका पीछा किया जाए और उन्हें कानून के तहत कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाए। जो भी लोग इस प्रकार की हिंसा में शामिल रहेंगे, उन्हें सुरक्षा बलों की निर्णायक और लगातार कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।

बस्तर आईजी ने कहा कि यदि किसी भी स्थिति में ऐसे बेमतलब और हिंसक कृत्यों को नक्सलियाें के शीर्ष नेतृत्व, केंद्रीय समिति/पॉलिट ब्यूरो की मंजूरी प्राप्त है, तो यह निश्चित रूप से उनके ताबूत में अंतिम कील साबित होगा। वहीं यदि ये हत्याएं स्थानीय स्तर के कैडरों द्वारा की जा रही हैं, तो यह केवल इस सच्चाई की पुष्टि है कि नक्सली संगठन पूरी तरह से दिशाहीन और नेता विहीन हो चुका है। उन्होंने कहा कि निर्दोष नागरिकों और युवा शिक्षादूतों को पुलिस मुखबिर बताना नक्सलियों का एक कायराना प्रयास है, जिसका उद्देश्य केवल स्थानीय जनता को डराना और अपने कैडरों का मनोबल बढ़ाना है, जो हाल के समय में लगातार झटकों के कारण पहले ही पूरी तरह गिर चुका है। इस तरह की कायराना हरकतें नक्सलियाें के ताकत का संकेत नहीं, बल्कि उनकी कमजोरी और हताशा का स्पष्ट प्रमाण हैं। सरकार के निर्देशों तथा बस्तर की स्थानीय जनता की आकांक्षाओं के अनुरूप प्रतिबंधित नक्सली संगठनों के विरुद्ध निर्णायक और सर्वांगीण कार्रवाई की जाएगी। बस्तर पुलिस प्रत्येक नागरिक, विशेषकर शिक्षा और विकास में योगदान देने वालों की सुरक्षा और संरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। हम नक्सली हिंसा को समाप्त करने और बस्तर की जनता की वैध आकांक्षाओं की रक्षा करने के अपने संकल्प पर अटल हैं।

हिन्दुस्थान समाचार / राकेश पांडे