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नवादा,30 अगस्त (हि.स.)। पर्वराज पर्युषण के तीसरे दिन शनिवार को जैन धर्मावलंबियों ने श्रद्धा एवं भक्तिभाव के साथ दशलक्षण धर्म के तृतीय स्वरूप उत्तम आर्जव धर्म की विशेष पूजा अर्चना की।
प्रातःकालीन बेला में स्थानीय जैन श्रद्धालुओं ने भगवान महावीर के मुख्य शिष्य श्री गौतम गणधर स्वामी की मोक्ष स्थली श्री गुणावां जी दिगम्बर जैन सिद्ध क्षेत्र पर सर्वप्रथम जिनेंद्र प्रभु का अभिषेक एवं शांति धारा कर विश्वशांति एवं प्राणिमात्र के कल्याण की मंगलकामना की। इसके पश्चात जैन धर्मावलंबियों ने पूरे विधि-विधान के साथ अष्टद्रव्य से देव शास्त्र गुरू पूजन, चौबीसी पूजन, षोडशकारण पूजन, पंचमेरू पूजन, दशलक्षण धर्म पूजन किया।
जैन समाज के प्रतिनिधि दीपक जैन ने बताया कि आज के इस अनुष्ठान के अंत में श्रद्धालुओं ने दशलक्षण धर्म के तृतीय स्वरूप उत्तम आर्जव धर्म की विशेष आराधना करते हुये छल-कपटरहित सरलता को अपने व्यवहारिक जीवन में आत्मसात करने का संकल्प लिया। पंचपरमेष्ठी भगवान की मंगलआरती के साथ उत्तम आर्जव धर्म के इस विशेष अनुष्ठान का समापन हुआ। इस अनुष्ठान में जैन समाज की लक्ष्मी जैन, खुशबू जैन, श्रुति जैन, श्रेया जैन सहित स्थानीय कई अन्य जैनियों ने अपनी सहभागिता निभायी।
नवादा स्थित श्री दिगम्बर जैन मंदिर में भी श्रद्धालुओं ने शनिवार को उत्तम आर्जव धर्म की विशेष आराधना की।
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हिन्दुस्थान समाचार / संजय कुमार सुमन