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बरेली, 30 अगस्त (हि.स.) । अपर मुख्य सचिव एवं गन्ना आयुक्त के निर्देश पर बरेली परिक्षेत्र में गन्ने की फसल में रोग व कीट की स्थिति का स्थलीय निरीक्षण किया गया। उप गन्ना आयुक्त बरेली ने बताया कि परिक्षेत्र के सभी जनपदों में रोग/कीट की पहचान के लिए कुल 74 टीमें गठित की गई हैं। इनमें बरेली की 30, पीलीभीत की 16, शाहजहांपुर की 18, बदायूं की 5 और कासगंज की 5 टीमें शामिल हैं। इन टीमों ने वैज्ञानिकों और जिला गन्ना अधिकारियों के साथ परिक्षेत्र की सभी चीनी मिलों से जुड़े 896 गांवों का भ्रमण कर गन्ना फसल का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान विभागीय अधिकारियों ने किसानों को गन्ना किस्मों में पाए जाने वाले विभिन्न रोगों व कीटों की पहचान और उनके प्रबंधन के तरीके बताए। साथ ही सांसदों और विधायकों को भी विभागीय कार्यवाही से अवगत कराया गया। उनसे अनुरोध किया गया कि यदि किसान सीधे उनसे किसी समस्या की जानकारी दें तो उसे तत्काल जिला गन्ना अधिकारी या उप गन्ना आयुक्त तक पहुंचाया जाए ताकि तुरंत समाधान कराया जा सके।
उप गन्ना आयुक्त ने बताया कि परिक्षेत्र के कुल 3.25 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में से मात्र 0.04 प्रतिशत हिस्सा ही रोग/कीट से प्रभावित पाया गया। इसमें रेडरॉट 9.30 हे., पोक्का बोइग 75.89 हे., चोटी बेधक 22.48 हे., जड़ बेधक 7 हे., विल्ट 6.76 हे. और स्मट 9 हे. क्षेत्र शामिल है। रोग/कीट की रोकथाम के लिए निजी चीनी मिलों और महिला स्वयं सहायता समूहों के पास उपलब्ध ड्रोन से छिड़काव कराया जा रहा है।
उन्होंने किसानों से को.0238 किस्म का क्षेत्रफल कम करने और को.0118, को.15023, को.लख.14201, को.शा.13235, को.लख.16202, को.शा.18231, को.शा.19231 जैसी उन्नत किस्मों की बुवाई करने की अपील की। जलभराव वाले क्षेत्रों में को.98014 की शरदकालीन बुवाई करने तथा फसल चक्र अपनाने की भी सलाह दी गई।
हिन्दुस्थान समाचार / देश दीपक गंगवार