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दंतेवाड़ा, 30 अगस्त (हि.स.)। दक्षिण बस्तर में भारी बारिश और बाढ़ ने जमकर तबाही मचाई। आम जनजीवन पूरी तरह अस्त व्यस्त कर दिया, वहीं बाढ़ ने शासकीय संपति को भी जमकर क्षति पहुंचाई। इस आफत की चपेट में दंतेवाड़ा शहर के तीन बैंक भी आ गये। चितालंका स्थित एचडीएफसी बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक और जिला सहकारी बैंक में भी बाढ़ का पानी घुस जाने से दस्तावेज भीग गए। जब बाढ़ ने एचडीएफसी और फोटक महिंद्रा बैंक को अपनी चपेट में लिया तो उस वक्त दोनों ही बैंकों में लाखों रूपये नगद रखे हुए थे। यहां थोड़ी ही दूरी पर बहने वाले नाले का पानी बैंक के अंदर आ गया जिससे बैंक की दोनों ही शाखाओं में भारी नुकसान हुआ।
बैंक अधिकारियाें से मिली जानकारी के अनुसार जिन बैंकों में नोटों को नुकसान पहुंचा है वहां आरबीआई की टीम आकर सर्वे कर एक रिपोर्ट तैयार करेगी। टीम यह भी देखेगी कि नोट इस्तेमाल करने योग्य है या फिर उन्हें नष्ट किया जाएगा। बताया गया है कि अगामी एक दो दिनों में यह टीम बैंकों के कैश का जायजा लेगी। इधर जिला सहकारी बैंक में भी लाखों रुपये मौजूद थे लेकिन बाढ़ का पानी बढ़ता देख कर्मचारियों बैंक में रखी राशि एसबीआई में जमा कर दी। हालांकि बैंक के बाजू में संचालित एटीएम में करीब आठ लाख रूपये रखे थे, जिन्हें निकाला नहीं जा सका।
एचडीएफसी बैंड के मैनेजर अविनाश श्रीवास्तव ने बताया कि बैंक का यूपीएस, बैकअप सिस्टम, कंप्यूटर, एटीएम सब सराब हो चुके है। बैंक व एटीएम के राशि की जानकारी सार्वजनिक नहीं की जाती है। अविनाश ने बताया कि खाता धारकों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी।
जिला सहकारी बैंक के ब्रांच मैनेजर सूरज सिंह ने बताया कि बैंक का करीब पचास लाख रूपये का नुकसान हुआ है। बाढ़ का पानी बैंकों में घुस आने से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज खराब हो गये। वहीं बैंकों में रखे कंप्यूटर आदि भी काम नहीं कर रहे हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / राकेश पांडे