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जम्मूू, 30 अगस्त (हि.स.)। जम्मू और कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस के जम्मू के प्रांतीय अध्यक्ष रतन लाल गुप्ता ने जम्मू क्षेत्र में भारी बादल फटने, भूस्खलन और अचानक आई बाढ़ से हुई जान-माल की दुखद क्षति पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। रामबन ज़िले के राजगढ़ में आज भी बाढ़ जारी है जहाँ पाँच लोगों की मौत हो गई और भारी संपत्ति का नुकसान हुआ। इसी तरह रियासी ज़िले के माहौर क्षेत्र में भी बाढ़ आई जहाँ सात लोगों की मौत हो गई और कई घर बह गए।
उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी के साथ बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का तीन दिवसीय दौरा पूरा करने के बाद पार्टी के प्रांतीय मुख्यालय शेर-ए-कश्मीर भवन जम्मू से जारी एक बयान में उन्होंने भारत सरकार से प्रभावित क्षेत्रों में बचाव और राहत प्रयासों के लिए तुरंत एक वित्तीय राहत पैकेज जारी करने की तत्काल अपील की।
गुप्ता ने कहा कि तबाही का पैमाना बहुत बड़ा है और तत्काल आकलन से परे है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि स्थिति की गंभीरता को देखते हुए त्वरित और निर्णायक कार्रवाई की आवश्यकता है, और केंद्र से सामान्य स्थिति बहाल करने और प्रभावित लोगों की सहायता के लिए तत्काल सहायता प्रदान करके इस अवसर पर आगे आने का आह्वान किया।
हालाँकि स्थिति स्थिर होने के बाद नुकसान की पूरी सीमा का सही आकलन किया जा सकता है उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि पर्याप्त अंतरिम राहत की आवश्यकता में देरी नहीं की जा सकती। जम्मू, कठुआ, किश्तवाड़, रामबन, राजौरी, पुंछ, सांबा, डोडा, रियासी और उधमपुर सहित जम्मू क्षेत्र के सभी प्रभावित जिलों को जमीनी स्तर पर इस संकट से निपटने के लिए संसाधनों की सख्त जरूरत है।
क्षेत्र में बुनियादी ढांचे की खराब गुणवत्ता की आलोचना करते हुए गुप्ता ने बताया कि बारिश ने राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण में गंभीर कमियों को उजागर किया है। उन्होंने कहा कि राजमार्ग का पूरा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया है, डामर बह गया है और गड्ढों में पानी जमा होने के कारण कई हिस्से जलमग्न हो गए हैं जो दर्शाता है कि घटिया सामग्री और उचित योजना के अभाव ने सड़कों को नुकसान पहुँचाया है। उन्होंने निर्माण प्रक्रियाओं की गहन जाँच और जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय करने का आह्वान किया। गुप्ता ने भविष्य में होने वाले नुकसान को रोकने के लिए मामले की जाँच हेतु तत्काल कदम उठाने की अपील की।
माता वैष्णो देवी मंदिर और उसके आसपास अचानक आई बाढ़ में जान गंवाने वालों के परिवारों के प्रति हार्दिक संवेदना व्यक्त करते हुए गुप्ता ने रामबन जिले के राजगढ़ और रियासी जिले के माहौर में बादल फटने और भूस्खलन के कारण हुई मौतों पर भी शोक व्यक्त किया।
अपने वक्तव्य के अंत में, गुप्ता ने भारत सरकार से आग्रह किया कि वह इस त्रासदी को एक सामान्य प्रशासनिक चुनौती न मानकर सहानुभूति और तत्परता से कार्य करे। उन्होंने दोहराया कि जम्मू के लोग एक अभूतपूर्व मानवीय संकट से गुज़र रहे हैं और केंद्र से तत्काल, व्यापक सहायता के पात्र हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थितियाँ एकजुटता और त्वरित कार्रवाई की माँग करती हैं न कि प्रक्रियागत देरी या उदासीनता की।
हिन्दुस्थान समाचार / अमरीक सिंह