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रायपुर, 28 अगस्त (हि. स.)। प्राकृतिक सौंदर्य और नैसर्गिक खूबसूरती से परिपूर्ण कांकेर जिले में पर्यटन के क्षेत्र में अपार संभावनाएं विद्यमान हैं। जिले की पहाड़ियों और वनों के बीच अनेक ऐसे स्थान स्थित हैं, जो अपनी अनूठी प्राकृतिक विशेषताओं से सैलानियों को आकर्षित करने की क्षमता रखते हैं। इन्हीं स्थलों में से एक नया पर्यटन स्थल ‘धारपारूम’ है, जो अपनी मनोरम घाटियों, व्यू प्वॉइंट, प्राकृतिक झरने और गुफाओं के कारण पर्यटकों की पहली पसंद बनता जा रहा है।
कांकेर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत पीढ़ापाल के समीप स्थित धारपारूम, जिला मुख्यालय से लगभग 25 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। पहाड़ियों से घिरा यह क्षेत्र प्राकृतिक छटा से परिपूर्ण है। यहां घाटीनुमा संरचना के साथ-साथ प्राकृतिक झरना, गुफा तथा पुरातात्विक महत्व के शैलचित्र भी देखने को मिलते हैं। वर्तमान में इस स्थल का संचालन एवं प्रबंधन सामुदायिक स्तर पर ग्रामीणों द्वारा किया जा रहा है। ग्रामीणों की सहभागिता से यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में सैलानी पहुंच रहे हैं।
कलेक्टर निलेश कुमार महादेव क्षीरसागर एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी हरेश मंडावी ने धारपारूम क्षेत्र का अवलोकन करने के बाद इसे नवीन पर्यटन केन्द्र के रूप में विकसित करने की दिशा में पहल करने की बात कही है। उन्होंने ग्रामीणों से चर्चा कर क्षेत्र की पृष्ठभूमि एवं ऐतिहासिक महत्व की जानकारी भी प्राप्त की।
गौरतलब है कि हाल ही में कुछ मीडिया प्रतिनिधियों द्वारा इस क्षेत्र का भ्रमण कर इसके दृश्य सोशल मीडिया पर साझा किए गए, जिसके बाद यहां पर्यटकों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। सैलानियों का मानना है कि धारपारूम को केशकाल के टाटामारी से भी बड़ा हिल प्लेस के रूप में विकसित किया जा सकता है। धारपारूम का प्राकृतिक वैभव और इसकी अनुपम भौगोलिक संरचना इसे कांकेर जिले का उभरता हुआ पर्यटन स्थल बना रही है। प्रशासनिक सहयोग और ग्रामीणों की भागीदारी से यह क्षेत्र निकट भविष्य में जिले के प्रमुख पर्यटन स्थलों में अपनी विशिष्ट पहचान बनायेगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / गायत्री प्रसाद धीवर