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दार्जिलिंग, 05 अगस्त (हि.स.)। विद्यार्थियों के विद्यालय आने-जाने के लिए 15 वर्ष से अधिक पुराने तथा फिटनेस प्रमाणपत्र के बिना किसी भी वाहन का उपयोग नहीं किया जाएगा। राज्य के परिवहन मंत्री अर्जुन सिंह ने सभी विद्यालय प्रबंधन को इस संबंध में कड़ी निगरानी रखने का निर्देश दिया है। मंगलवार को उत्तर बंगाल दौरे के दौरान दार्जिलिंग स्थित सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने यह जानकारी दी।
परिवहन मंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 15 वर्ष से अधिक पुराने वाहनों का संचालन बंद किया जाना चाहिए। विशेष रूप से जिन वाहनों के पास वैध फिटनेस प्रमाणपत्र अथवा अन्य आवश्यक दस्तावेज नहीं हैं, उन्हें किसी भी स्थिति में सड़क पर नहीं चलने दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस संबंध में राज्य के सभी जिलाधिकारियों को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश पहले ही दिए जा चुके हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यह नियम केवल विद्यालयों की अपनी बसों पर ही लागू नहीं होगा, बल्कि निजी संस्थाओं अथवा ऑपरेटरों के माध्यम से विद्यार्थियों के परिवहन पर भी समान रूप से प्रभावी रहेगा। विद्यालय प्रबंधन को यह सुनिश्चित करना होगा कि कोई भी निजी ऑपरेटर बिना फिटनेस वाले अथवा अनुपयुक्त वाहन से विद्यार्थियों का परिवहन न करे। साथ ही विद्यालय बसों की नियमित फिटनेस जांच कराने पर भी उन्होंने विशेष जोर दिया।
उल्लेखनीय है कि गत वर्ष 24 नवंबर को हावड़ा के उलूबेड़िया में विद्यार्थियों को लेकर जा रही एक पूलकार नियंत्रण खोकर तालाब में गिर गई थी। इस दुर्घटना में तीन स्कूली विद्यार्थियों की मृत्यु हो गई थी। घटना के बाद विद्यार्थियों के परिवहन में उपयोग होने वाले वाहनों की सुरक्षा और फिटनेस को लेकर गंभीर प्रश्न उठे थे।
अर्जुन सिंह ने इस अवसर पर पूर्व तृणमूल कांग्रेस सरकार पर आरोप लगाया कि विद्यार्थियों के परिवहन में उपयोग होने वाले वाहनों की सुरक्षा संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए पूर्व सरकार ने पर्याप्त कदम नहीं उठाए। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार विद्यार्थियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए इस विषय में सख्त कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध है।
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हिन्दुस्थान समाचार / अभिमन्यु गुप्ता