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श्रीनगर, 18 मई (हि.स.)। जम्मू और कश्मीर सरकार ने नियमित कर्मचारियों, पेंशनभोगियों और पारिवारिक पेंशनभोगियों के लिए महंगाई भत्ते (डीए) में 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी की घोषणा की है। डीए दर को मूल वेतन/मूल पेंशन के मौजूदा 58 प्रतिशत से बढ़ाकर 60 प्रतिशत कर दिया गया है।
आदेशों में कहा गया है कि राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) के तहत आने वाले कर्मचारियों के लिए उसी अवधि के लिए बकाया का भुगतान पूरी तरह से नकद में किया जाएगा। डीए बकाया पर नियोक्ता का 14 प्रतिशत हिस्सा निकाला जाएगा, जबकि कर्मचारी का 10 प्रतिशत योगदान स्रोत पर काटा जाएगा और उनके संबंधित पीआरएएन खातों में जमा किया जाएगा। 7वें वेतन आयोग की सिफारिशों के तहत लाभ पाने वाले पेंशनभोगियों और पारिवारिक पेंशनभोगियों के लिए जनवरी से अप्रैल तक के बकाया का भुगतान मई 2026 में नकद में किया जाएगा। आदेशों में यह भी कहा गया है कि पेंशनभोगियों के लिए डीए गणना में एक रुपये के अंश को अगले उच्च रुपये में पूर्णांकित किया जाएगा।
मूल वेतन को परिभाषित करते हुए वित्त विभाग ने स्पष्ट किया कि यह 7वें वेतन आयोग की सिफारिशों के तहत वेतन मैट्रिक्स के निर्धारित स्तर पर आहरित वेतन को संदर्भित करता है और इसमें विशेष वेतन या कोई अन्य भत्ते शामिल नहीं हैं। यह निर्देश तत्काल कार्यान्वयन के लिए प्रधान महालेखाकार (ए एंड ई) जम्मू-कश्मीर, जम्मू-कश्मीर के मंडलायुक्तों और जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के उच्च न्यायालय सहित सभी प्रमुख प्रशासनिक विभागों को प्रसारित कर दिए गए हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / राधा पंडिता