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भोपाल, 17 मई (हि.स.)। मध्य प्रदेश सरकार की ‘पीएम श्री एयर एम्बुलेंस सेवा’ गंभीर मरीजों और दुर्घटना पीड़ितों के लिए जीवनरक्षक पहल साबित हो रही है, जिससे अब तक 140 मरीजों को त्वरित उपचार से नई जिंदगी मिल चुकी है। आयुष्मान हितग्राहियों सहित जरूरतमंद मरीजों को यह सेवा नि:शुल्क उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को भी समय पर उन्नत चिकित्सा सहायता मिल रही है।
दरअसल, मध्य प्रदेश सरकार प्रदेश के प्रत्येक नागरिक तक सुलभ, त्वरित और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए निरंतर प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार, आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं के सुदृढ़ीकरण तथा दूरस्थ क्षेत्रों तक बेहतर उपचार की पहुंच सुनिश्चित करने की दिशा में राज्य सरकार द्वारा कई नवाचार किए जा रहे हैं। इसी क्रम में मई 2024 से प्रदेश में ‘पीएम श्री एयर एम्बुलेंस सेवा’ प्रारंभ की गई, जो आज गंभीर रूप से बीमार, दुर्घटना प्रभावित एवं आपदा पीड़ित मरीजों के लिए जीवनरक्षक पहल के रूप में स्थापित हो रही है।
जनसंपर्क अधिकारी अंकुश मिश्रा ने रविवार को बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा प्रारंभ की गई यह महत्वाकांक्षी सेवा उन परिस्थितियों में अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो रही है, जब मरीज को गोल्डन ऑवर के भीतर उच्च स्तरीय चिकित्सा संस्थान तक पहुंचाना आवश्यक होता है। सेवा के अंतर्गत एक हेलीकॉप्टर एम्बुलेंस तथा एक फिक्स्ड-विंग कन्वर्टेड फ्लाइंग एम्बुलेंस को प्रशिक्षित चिकित्सकीय और पैरामेडिकल टीम के साथ संचालित किया जा रहा है। यह व्यवस्था राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित मानकों और आपातकालीन चिकित्सा प्रोटोकॉल के अनुरूप कार्य कर रही है। एयर एम्बुलेंस के माध्यम से कम समय में उन्नत चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। इससे मरीजों की जान बचाने की संभावनाएं उल्लेखनीय रूप से बढ़ी हैं।
उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा यह सुनिश्चित किया गया है कि आर्थिक अभाव किसी भी मरीज के उपचार में बाधा नही बने। आयुष्मान भारत योजना के हितग्राहियों को प्रदेश के भीतर एवं बाहर स्थित सभी शासकीय तथा आयुष्मान मान्यता प्राप्त अस्पतालों तक एयर एम्बुलेंस सुविधा पूरी तरह नि:शुल्क उपलब्ध कराई जा रही है। इसका समस्त व्यय राज्य सरकार द्वारा वहन किया जा रहा है। वहीं गैर-आयुष्मान श्रेणी के मरीजों को भी प्रदेश के भीतर शासकीय अस्पतालों तक यह सेवा नि:शुल्क प्रदान की जा रही है। सड़क दुर्घटना, औद्योगिक हादसों एवं आपदा प्रभावित मरीजों के लिए भी राज्य के भीतर और बाहर किसी भी शासकीय अथवा निजी अस्पताल तक नि:शुल्क परिवहन सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। मई 2024 से प्रारंभ इस सेवा से 140 मरीज लाभान्वित हो चुके हैं। अनेक गंभीर मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने में यह सेवा महत्वपूर्ण साबित हुई है।
दूरस्थ क्षेत्रों के मरीजों को मिल रही त्वरित चिकित्सा सहायता
जनसंपर्क अधिकारी ने बताया कि हाल ही में बालाघाट जिले के कटंगी विकासखंड के ग्राम देवरी बुजुर्ग निवासी चार माह के मासूम अयांश-मसराम के मामले ने इस सेवा की संवेदनशीलता और उपयोगिता को रेखांकित किया। गंभीर हृदय रोग से पीड़ित अयांश की पहचान राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित विशेष शिविर में की गई थी। आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के लिए महानगर में इलाज संभव नहीं था, लेकिन जिला प्रशासन की तत्परता और राज्य सरकार की संवेदनशील पहल के चलते बच्चे को पीएम श्री एयर एम्बुलेंस सेवा के माध्यम से मुंबई स्थित नारायण हृदयालय भेजा गया, जहां उसका उपचार एवं आवश्यक सर्जरी आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत नि:शुल्क की जा रही है। बच्चे के परिजनों की भावुक प्रतिक्रिया यह दर्शाती है कि शासन की यह पहल केवल एक योजना नहीं, बल्कि जरूरतमंद परिवारों के लिए नई जिंदगी की उम्मीद बन रही है।
संवेदनशील और सशक्त स्वास्थ्य व्यवस्था
पीएम श्री एयर एम्बुलेंस सेवा न केवल आपातकालीन चिकित्सा परिवहन को नई दिशा दे रही है, बल्कि यह भी सुनिश्चित कर रही है कि दूरी, संसाधनों की कमी या आर्थिक स्थिति किसी नागरिक के जीवनरक्षक उपचार में बाधा न बने। सिंगरौली निवासी 32 वर्षीय श्रीमती संध्या दुबे के मामले में भी पीएम श्री एयर एम्बुलेंस सेवा ने जीवनदायिनी भूमिका निभाई। गंभीर स्वास्थ्य जटिलताओं एवं सेप्टीसीमिया की स्थिति उत्पन्न होने पर जिला प्रशासन ने त्वरित संवेदनशीलता दिखाते हुए उन्हें एयरलिफ्ट कर एम्स भोपाल भेजा। ये उदाहरण स्पष्ट करते हैं कि मध्यप्रदेश सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को केवल शहरी क्षेत्रों तक सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि अंतिम व्यक्ति तक आधुनिक एवं त्वरित चिकित्सा सुविधा पहुंचाने के लिए संकल्पित है।
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हिन्दुस्थान समाचार / उम्मेद सिंह रावत