भगवान् श्री नृसिंह प्राकट्योत्सव; अहंकार की पृष्ठभूमि पर लिखी गई सर्वनाश की परिभाषा
नृसिंह जयंती (30 अप्रैल) पर विशेष-डॉ. उमेश चन्द्र शर्मा
भगवान् के अपने ही सेवक अहंकार के वशीभूत होकर जब अनाधिकार चेष्टा एवं अमर्यादित आचरण करते हुए, सिद्ध महात्माओं को अपमानित करने लगते हैं और प्रभु दर्शन में बाधक बन जाते हैं, तब भगवान् श्री हरि द
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