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- गुरु रविदास जी की 650 वीं जयंती पर होशियारपुर में होंगे
भव्य कार्यक्रम
चंडीगढ़, 08 मार्च (हि.स.)। पंजाब के वित्त
मंत्री हरपाल चीमा ऐलान किया है कि श्री गुरु तेग
बहादुर जी की 350वीं शहादत जयंती को सम्मानित करने के लिए
सरकार श्री आनंदपुर साहिब में एक नया प्रशासनिक परिसर बनाने का प्रस्ताव कर रही
है। यह परिसर विरासत शैली में डिजाइन किया जाएगा, जो इस
पवित्र शहर की आध्यात्मिक और ऐतिहासिक महत्व को दर्शाता है।
वित्त मंत्री ने रविवार
को बजट में ऐलान करते हुए कहा कि इस परिसर में
प्रमुख सरकारी कार्यालय एक ही छत के नीचे होंगे, जिससे
प्रशासनिक कामकाज में सुधार, जनसेवा में तेजी और नागरिकों के
लिए सुविधा बढ़ेगी। साथ ही, यह परियोजना श्री आनंदपुर साहिब
की पारंपरिक पहचान और पवित्रता को बनाए रखते हुए उसका संरक्षण और संवर्धन भी करेगी।
वित्तमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार
पंजाब के लोगों की आध्यात्मिक इच्छाओं को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है, खासकर वरिष्ठ नागरिकों और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए है।
इसी उद्देश्य से इस वर्ष मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना
शुरू की गई है, जिसके तहत उन्हें मुख्य धार्मिक स्थलों की
मुफ्त और पूरी तरह से सुविधा वाली यात्रा कराई जाएगी। यह यात्रा दो मार्गों में
होगी। वित्त वर्ष 2026–27 में लगभग 7.15
लाख नागरिकों की तीर्थ यात्राओं के लिए 312 करोड़
का प्रावधान किया गया है। वित्तमंत्री ने कहा - इस वर्ष श्री गुरु तेग बहादुर जी
की शहादत के 350वें वर्ष का अवसर था। गुरु साहिब जी के
सर्वोच्च बलिदान को सम्मानित करने के लिए हमारी सरकार ने श्री आनंदपुर साहिब में
तीन दिवसीय विशेष स्मरण कार्यक्रम आयोजित किया, जिसमें गहरी
श्रद्धा और भक्ति के साथ श्रद्धांजलि अर्पित की गई। पंजाब की आध्यात्मिक और
सामाजिक पहचान महान संतों और सुधारकों की शिक्षाओं से बनी है। इसी सोच के साथ
सरकार ने वित्त वर्ष 2026–27 में श्री गुरु रविदास जी की 650वीं जयंती को राज्य स्तर पर मनाने का फैसला किया है।
श्री गुरु रविदास जी का संदेश-समानता, एक
ईश्वर में भक्ति और जातिवाद का विरोध -आज भी लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
उनका बेगमपुरा का सपना, यानी ऐसा समाज जहाँ दुःख और अन्याय न
हो, आज भी उतना ही महत्वपूर्ण और प्रासंगिक है। मुख्य समारोह
श्री गुरु रविदास जी मेमोरियल कॉम्प्लेक्स, गांव खुरालगढ़,
जिला होशियारपुर में प्रस्तावित हैं, जिसे
उनके तपस्थल के रूप में सम्मानित किया जाता है। साथ ही, सरकार
पूरे वर्ष पंजाब के सभी हिस्सों में स्मरण कार्यक्रम आयोजित करेगी, जो न केवल उनके आध्यात्मिक योगदान को सम्मानित करेगा, बल्कि सामाजिक न्याय और समावेशी विकास के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को भी
दोबारा पुष्टि करेगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा