गौरव गोगोई का मुख्यमंत्री पर हमला, कहा- अजमल हैं हिमंत के ‘108’
गुवाहाटी, 06 मार्च (हि.स.)। असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी (एपीसीसी) के अध्यक्ष एवं लोकसभा सांसद गौरव गोगोई ने मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि राज्यसभा चुनाव के दौरान भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने तीसरी सीट के लिए ऑ
Asam Pradesh Congress President Gaurav Gogoi and other leaders addressing a press conference regarding the  prepole alliances. विपक्षी गठबंधन के नेता संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए।


गुवाहाटी, 06 मार्च (हि.स.)। असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी (एपीसीसी) के अध्यक्ष एवं लोकसभा सांसद गौरव गोगोई ने मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि राज्यसभा चुनाव के दौरान भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने तीसरी सीट के लिए ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआईयूडीएफ) से समर्थन मांगकर अवसरवादी राजनीति का परिचय दिया है।

पत्रकारों से बातचीत करते हुए गोगोई ने कहा कि भाजपा द्वारा तीसरी राज्यसभा सीट के लिए एआईयूडीएफ से समर्थन लेने की कोशिश मुख्यमंत्री की राजनीतिक सोच में मौजूद विरोधाभास को उजागर करती है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री पिछले कई वर्षों से ‘मियां’ और अवैध घुसपैठ जैसे मुद्दों को उठाकर एआईयूडीएफ को असम की राजनीति के केंद्र में लाते रहे हैं और समाज में विभाजन की राजनीति करते रहे हैं।

गाैरव गोगोई ने कहा कि जिस पार्टी को भाजपा वर्षों से अपना राजनीतिक विरोधी बताती रही है, उसी से अब राज्यसभा चुनाव में समर्थन लेने की चर्चा हो रही है। उन्होंने यह भी कहा कि असम की राजनीति का स्तर गिर गया है और राज्य के कई लोगों को बाहर जाने पर यहां की राजनीतिक स्थिति को लेकर असहज महसूस होता है।

अपने पुराने बयान को दोहराते हुए कांग्रेस सांसद ने कहा कि एआईयूडीएफ प्रमुख बदरुद्दीन अजमल मुख्यमंत्री के “108” की तरह हैं, यानी जब भी जरूरत होती है, वह उनकी मदद के लिए तैयार रहते हैं। उन्होंने कहा कि यदि भाजपा वास्तव में अजमल को अपना विरोधी मानती है तो मुख्यमंत्री को जन आशीर्वाद यात्रा जैसे कार्यक्रमों के दौरान खुलकर यह बात जनता के सामने रखनी चाहिए।

वहीं, असम जातीय परिषद के अध्यक्ष लुरिनज्योति गोगोई ने भी भाजपा की आलोचना करते हुए कहा कि अब चार विपक्षी दल एकजुट हो चुके हैं और उनका लक्ष्य एकजुटता के बल पर भाजपा को हराना है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले दिनों में और भी राजनीतिक दल इस गठबंधन से जुड़ सकते हैं।

लुरिनज्योति ने कहा कि गठबंधन की ओर से जातीय मुद्दों को असम की जनता तक पहुंचाने की रणनीति तैयार की जा रही है और धीरे-धीरे जनता का समर्थन भाजपा के खिलाफ बढ़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि एआईयूडीएफ के सहयोग के कारण ही भाजपा असम में राजनीतिक रूप से टिक पाई है। उन्होंने बदरुद्दीन अजमल को भाजपा का “एजेंट” बताया।

----------

हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश