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--लोगों को विदेश भेजकर 50 लाख से ढाई करोड़ रुपए वसूलने का आरोप
मथुरा, 03 मार्च(हि.स.)। फर्जी वीजा तैयार कर कनाडा भेजने के आरोपित दम्पत्ती को पंजाब पुलिस ने वृंदावन में दबिश देकर दबोचा है। कनाडा भेजने के नाम पर फर्जी वीजा तैयार कर अवैध इमीग्रेशन नेटवर्क चलाने के आरोप में पटियाला निवासी सौरभ गुप्ता और उसकी पत्नी प्रगति गुप्ता को मंगलवार सुबह वृंदावन से गिरफ्तार किया गया। दोनों हरे कृष्णा आर्किड के बी-ब्लॉक स्थित फ्लैट नंबर 812 में पिछले ढाई वर्ष से रह रहे थे। उन पर अवैध तरीके से लोगों को विदेश भेजकर 50 लाख से ढाई करोड़ रुपये तक वसूलने का आरोप है।
पंजाब के पटियाला निवासी सौरभ गुप्ता और उनकी पत्नी प्रगति गुप्ता वृंदावन में रहकर कबूतरबाजी का धंधा कर रहे थे। इसमें यह दंपत्ती अवैध तरीके से लोगों को विदेश भेजते, इसके एवज में उनसे 50 लाख से ढाई करोड़ रूपये तक वसूल करते थे। पिछले दो माह से दंपत्ती की तलाश कर रही पंजाब के मलेर कोटला पुलिस टीम ने सुनरख मार्ग स्थित हरेकृष्ण ऑर्चिड के बी ब्लॉक के फ्लैट 812 में दबिश दी। यहां पिछले ढाई साल से कबूतर बाजी कर रहे पति पत्नी को पंजाब, मलेर कोटला के पुलिस क्षेत्राधिकारी मानवजीत सिंह सिंधु ने गिरफ्तार कर लिया है। दंपती के साथ उनके साथ दो बच्चे भी रहते थे।
तीन गाड़ियों में दबिश देने पहुंची पंजाब पुलिस की कार्रवाई से हरेकृष्ण आर्चिड में हलचल मच गई। जनवरी माह में पंजाब के मालेर कोटला में इनके विरूद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई। तभी से पंजाब पुलिस इनकी तलाश में लगी थी। यह गले में कंठी एवं धार्मिक पहनावे में यहां वृंदावन में पिछले ढाई साल से रह कर कबूतरबाजी करते थे। जिनको स्थानीय पुलिस के सहयोग से पंजाब पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पंजाब पुलिस उनका जिला अस्पताल में मेडिकल कराया, उसके बाद मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया।
--पंजाब में यूज होता है टर्म कबूतरबाजी एक खेल होता है, जिसमें कबूतरों को लड़ाया जाता है। लखनऊ, पुरानी दिल्ली, हैदराबाद और आगरा समेत कई इलाकों में यह कबूतरबाजी का खेल प्रसिद्ध है, जो नवाबों को शौक हुआ करता था। लेकिन इस केस में कबूतरबाजी का मतलब कबूतरों का खेल नहीं बल्कि अवैध तरीके से लोगों को विदेश भेजना होता है। कबूतरबाजी शब्द सबसे ज्यादा पंजाब में फेमस है। यहां पर अवैध तरीके से लोगों को विदेश भेजने के टर्म में यही शब्द यूज होता है।
हिन्दुस्थान समाचार / महेश कुमार