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मथुरा, 03 मार्च(हि.स.)। छाता के फालैन गांव में होली पर एक बार फिर भक्त प्रहलाद की लीला जीवंत हो उठी। यहां संजू पंडा मंगलवार सुबह 25 फीट ऊंची धधकती होली से गुजरे तो वहां मौजूद लोग यह दृश्य देखकर दंग रह गए। आग की लपटों का पंडा के शरीर पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा। देश-विदेश से आए हजारों लोग इस अद्भुत लीला के साक्षी बने।
मंगलवार सुबह शुभ मुहूर्त पर संजू पंडा पहली बार होलिका के दहकते अंगारों के बीच सकुशल गुजर गए। इस अग्नि परीक्षा को देने के लिए गांव के संजू पंडा ने एक माह तक तप किया था। तड़के करीब चार बजे मंदिर में तप पर बैठे संजू पंडा ने अखंड ज्योति पर हाथ रखकर शीतलता महसूस की। प्रहलाद कुंड में स्नान के बाद चार बजकर 15 मिनट पर संजू पंडा ने धधकती होलिका की ओर दौड़ लगा दी। धधकती होली की लपटों के बीच जब संजू पंडा दिखाई दिए तो वहां सन्नाटा पसर गया। होलिका के अंगारों पर 10 कदम रखकर पंडा होलिका से सकुशल बाहर निकले।
मेला आचार्य पंडित भगवान सहाय एवं ग्रामीणों ने उन्हें अपनी गोद में भर लिया। चारों तरफ जय-जयकार के साथ गुलाल उड़ना शुरू हो गया। पंडा ने मंदिर में पहुंच कर पूजा अर्चना की। इस क्षण के हजारों श्रद्धालु गवाह बने।
हिन्दुस्थान समाचार / महेश कुमार