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सूरत, 07 फ़रवरी (हि.स.)। दक्षिण गुजरात की आर्थिक राजधानी सूरत के विकास को नई रफ्तार देने के उद्देश्य से सूरत महानगर पालिका (मनपा)
ने वित्तीय वर्ष 2026–27 का बजट मंजूर कर दिया है। सूरत महानगर पालिका कमिश्नर के पेश किए गए 10,593 करोड़ रुपये के ड्राफ्ट बजट में स्थायी समिति ने 708 करोड़ रुपये की बढ़ोत्तरी कर कुल बजट 11,301 करोड़ रुपये कर दिया है।
आगामी स्थानीय निकाय चुनावों को ध्यान में रखते हुए इस बजट में मध्यम वर्ग, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों के लिए कई राहतकारी और लोकहितकारी घोषणाएं की गई हैं।
लगातार तीसरे साल टैक्स में कोई बढ़ोत्तरी नहीं
सूरतवासियों के लिए राहत की बात यह है कि इस वर्ष भी किसी प्रकार के टैक्स या दरों में बढ़ोत्तरी नहीं की गई है। महंगाई के दौर में नगर निगम ने नागरिकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ न डालने का निर्णय लिया है। शहर के इतिहास का यह सबसे बड़ा बजट होने के बावजूद टैक्स में वृद्धि न करना प्रशासन की अहम रणनीति माना जा रहा है।
बजट में ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए विधवा महिलाओं के नाम पर दर्ज संपत्तियों को सामान्य प्रॉपर्टी टैक्स से पूरी तरह मुक्त करने का प्रस्ताव रखा गया है। राज्य सरकार की सहायता प्राप्त करने वाली विधवाएं लाभार्थी कार्ड दिखाकर इस योजना का लाभ ले सकेंगी। इस निर्णय से शहर की बड़ी संख्या में महिलाओं को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा।
सीनियर सिटीजन के लिए बीआरटीएस यात्रा मुफ्त
सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने के लिए वरिष्ठ नागरिकों को अब बीआरटीएस बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा दी जाएगी। इसके लिए वरिष्ठ नागरिकों को स्थानीय सिविक सेंटर से पास बनवाना होगा। यह सुविधा बुजुर्गों के लिए बड़ी राहत मानी जा रही है।
महिला स्व-सहायता समूहों और स्थानीय कारीगरों को प्रोत्साहित करने के लिए “सुरती हाट बाजार” स्थापित किया जाएगा, जहां महिलाओं द्वारा बनाए गए उत्पादों के बिक्री के लिए स्थायी मंच उपलब्ध होगा। इसके साथ ही महिलाओं को स्वच्छता के उद्देश्य से मुफ्त साबुन उपलब्ध कराने की भी योजना है। बजट में शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास पर विशेष जोर दिया गया है। फ्लाईओवर, सड़कों के नवीनीकरण और ड्रेनेज सिस्टम को मजबूत बनाने के लिए 656 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि रखी गई है, जिससे सूरत को और मजबूत स्मार्ट सिटी बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
धार्मिक संस्थाओं और सोसायटियों के लिए बढ़ा अनुदान
नगर निगम ने पहली बार धार्मिक संस्थाओं के लिए 25 करोड़ रुपये का अनुदान तय किया है, जिसका उपयोग पानी, सड़क, पेवर ब्लॉक और सोलर पैनल जैसी सुविधाओं के लिए किया जा सकेगा। साथ ही करीब 1160 आवासीय सोसायटियों को मिलने वाले सफाई अनुदान की दर बढ़ाकर 1.5 रुपये प्रति वर्ग मीटर कर दी गई है।
शहर के सभी 30 चुनावी वार्ड में नए आधार कार्ड सेंटर शुरू किए जाएंगे, जिससे नागरिकों को जोन ऑफिस तक जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। सरथाणा नेचर पार्क को भी आधुनिक बनाने के लिए विशेष बजट का प्रावधान किया गया है।
नगर निगम की 362 स्कूलों के लगभग 1.99 लाख छात्रों को 15 करोड़ रुपये की लागत से खेल गणवेश दिया जाएगा। इसके अलावा 20 नई स्कूलों में हाई-टेक लैब बनाई जाएंगी। एआर/वीआर तकनीक के माध्यम से शिक्षा देने के लिए 1.50 करोड़ रुपये और कंप्यूटर, प्रिंटर व फोटोकॉपी मशीन के लिए 2 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
महिलाओं के लिए विशेष घोषणाएं
चुनावी वर्ष को ध्यान में रखते हुए महिलाओं के लिए कई योजनाएं घोषित की गई हैं। शहर में 250 नए पिंक टॉयलेट बनाए जाएंगे। रक्षाबंधन और अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर महिलाओं को सिटी बस और BRTS में मुफ्त यात्रा की सुविधा दी जाएगी। साथ ही महिला स्व-सहायता समूहों को प्रदर्शन और बिक्री के लिए विशेष व्यवस्था भी की गई है।
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हिन्दुस्थान समाचार / यजुवेंद्र दुबे