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सूरत, 12 फरवरी (हि.स.)। सूरत शहर के पूर्वी हिस्से में अशांत क्षेत्र अधिनियम के उल्लंघन का आरोप लगा है। भाजपा विधायक अरविंद राणा ने स्थानीय प्रशासन पर भ्रष्टाचार और संपत्ति हस्तांतरण की अनुमति देने में अनियमितताओं का आरोप लगाया है।
विधायक ने दावा किया है कि अशांतधारा अधिनियम के तहत नामित क्षेत्रों में संपत्ति को संदिग्ध स्वीकृतियों के माध्यम से अन्य समुदाय के लोगों को हस्तांतरित की जा रही है। उन्होंने ऐसी अनुमतियों को तत्काल रद्द करने की मांग की है और कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
विधायक राणा ने कलेक्टर और प्रशासनिक अधिकारियों पर आरोप लगाते हुए कहा कि अशांतधारा अधिनियम के तहत अनुमति देते समय आवश्यक कानूनी प्रक्रिया का पालन नहीं किया जा रहा है। उनका कहना है कि अधिकारी स्थल निरीक्षण किए बिना और आसपास के लोगों की राय लिए बिना ही कार्यालय में बैठकर फाइलों को मंजूरी दे रहे हैं। उन्होंने इसे स्पष्ट रूप से भ्रष्टाचार का मामला बताया। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जिन क्षेत्रों में पहले सुरक्षा कारणों से अनुमति नकार दी गई थी, उसी क्षेत्र में अब किन आधारों पर मंजूरी दी जा रही है।
यह विवाद मुख्य रूप से नवापुरा क्षेत्र से जुड़ा हुआ है, जहां स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि दूसरे समुदाय के लोगों द्वारा बड़ी संख्या में संपत्तियां खरीदी जा रही हैं।
नवापुरा संघर्ष समिति के सदस्यों के साथ कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए विधायक ने कहा कि मणि वैद की गली जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में पहले ऐसी अनुमतियां रोकी गई थीं। हाल ही में वहोरा समुदाय के एक सदस्य को संपत्ति खरीदने की मंजूरी मिलने के बाद स्थानीय राणा समाज में विरोध बढ़ गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इससे क्षेत्र का सामाजिक संतुलन प्रभावित हो सकता है।
नवापुरा, राणावाड़, अलीनो टेकरी और भाटनी पीठ जैसे इलाके वर्षों से राणा समाज और जरी उद्योग के लिए जाने जाते हैं। विधायक ने आशंका जताई कि अन्य समुदाय के लोग कई संपत्तियां खरीदकर बड़े अपार्टमेंट बना रहे हैं, जिससे स्थानीय लघु उद्योग और जरी काम से जुड़े कारीगरों को स्थानांतरण के लिए मजबूर होना पड़ सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि पहले राणा समाज और वहोरा समुदाय के बीच आपसी सहमति बनी थी कि पारंपरिक सामाजिक ढांचे को प्रभावित करने वाली खरीद-फरोख्त नहीं की जाएगी, लेकिन हाल की मंजूरी से उस सहमति का उल्लंघन हुआ है।
विधायक अरविंद राणा ने कहा कि नवापुरा और आसपास के क्षेत्रों में लंबित सभी आवेदनों पर फिलहाल मंजूरी न दी जाए। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कलेक्टर और पुलिस कमिश्नर इस मामले में तत्काल कार्रवाई नहीं करते और कथित गलत मंजूरियां रद्द नहीं की जातीं, तो वे स्थानीय लोगों के साथ सड़क पर उतरकर विरोध करेंगे।
विधायक ने कहा कि एक जनप्रतिनिधि के रूप में स्थानीय लोगों की चिंताओं को प्रशासन तक पहुंचाना उनकी जिम्मेदारी है और इस मामले में शामिल अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की जाएगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / यजुवेंद्र दुबे