कर्नाटक सरकार की गारंटी योजनाओं से बढ़ी लोगों की बचत, एमएसआईएल में निवेश पूरी तरह सुरक्षित : सिद्धारमैया
बेंगलुरु, 07 फ़रवरी (हि.स.)। कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा है कि राज्य सरकार की गारंटी योजनाओं ने आम जनता की बचत क्षमता को मजबूत किया है और लोग अब अपनी जमा पूंजी को अधिक सुरक्षित निवेश की ओर मोड़ रहे हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि मैसूर
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बेंगलुरु, 07 फ़रवरी (हि.स.)। कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा है कि राज्य सरकार की गारंटी योजनाओं ने आम जनता की बचत क्षमता को मजबूत किया है और लोग अब अपनी जमा पूंजी को अधिक सुरक्षित निवेश की ओर मोड़ रहे हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि मैसूर सेल्स इंटरनेशनल लिमिटेड (एमएसआईएल) में किया गया निवेश पूरी तरह सुरक्षित है।

मुख्यमंत्री शनिवार को बेंगलुरु में एमएसआईएल की ओर से आयोजित कार्यक्रम में एमएसआईएल चिट्स के नए सॉफ्टवेयर और मोबाइल ऐप के लोकार्पण अवसर पर संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि एमएसआईएल एक सरकारी संस्था है, जिसने वर्षों से जनता का विश्वास अर्जित किया है। वर्ष 2005 से चिट फंड प्रणाली के माध्यम से यह संस्था लोगों की बचत को सुरक्षित निवेश में परिवर्तित कर रही है।

सिद्धारमैया ने बचत की संस्कृति पर जोर देते हुए कहा कि आपातकालीन परिस्थितियों में बचत ही सबसे बड़ा सहारा होती है। उन्होंने कहा कि सरकार की गारंटी योजनाएं शक्ति, गृहलक्ष्मी, युवनिधि और अन्नभाग्य बिना किसी जाति या वर्ग भेद के लागू की गई हैं। इन योजनाओं से जो बचत हो रही है, उसे विशेष रूप से महिलाओं को सुरक्षित निवेश साधनों में लगाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि सामान्य चिट फंड लेन-देन में धोखाधड़ी की संभावना रहती है, लेकिन एमएसआईएल एक सरकारी संस्था होने के कारण लोगों की जमा राशि को पूर्ण सुरक्षा प्रदान करती है। यह संस्था मात्र 5 प्रतिशत लाभ लेकर जनता की आर्थिक सुरक्षा को मजबूत करने का कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि केरल में चिट फंड क्षेत्र का वार्षिक कारोबार लगभग 47,000 करोड़ रुपये है, जबकि कर्नाटक में यह करीब 500 करोड़ रुपये के आसपास है। एमएसआईएल ने आने वाले समय में इस कारोबार को बढ़ाकर 10,000 करोड़ रुपये तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। शिक्षा, स्वास्थ्य, विवाह और आवास जैसी जरूरतों के लिए की गई बचत सुरक्षित रहना अत्यंत आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि ग्राहकों की सुविधा के लिए एमएसआईएल चिट फंड प्रणाली में आधुनिक तकनीक आधारित नया सॉफ्टवेयर और मोबाइल ऐप शुरू किया गया है, जिससे पारदर्शिता और दक्षता बढ़ेगी। साथ ही माइक्रो फाइनेंस संस्थाओं के कर्ज जाल में फंसने वाले लोगों की सुरक्षा के लिए लघु ऋण और सूक्ष्म ऋण अध्यादेश–2025 लागू किया गया है, ताकि कर्जदारों को उत्पीड़न से बचाया जा सके।

मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि तकनीक और पारदर्शिता के माध्यम से एमएसआईएल जनता के भरोसे को और मजबूत करेगा।

कार्यक्रम में एमएसआईएल के अधिकारी, कर्मचारी और बड़ी संख्या में निवेशक उपस्थित रहे।------------

हिन्दुस्थान समाचार / राकेश महादेवप्पा