Enter your Email Address to subscribe to our newsletters

शिवसागर, 04 फरवरी (हि.स.)। मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा ने आज शिवसागर विधानसभा क्षेत्र और सोनारी विधानसभा क्षेत्र में मुख्यमंत्री महिला उद्यमिता अभियान (एमएमयूए) के तहत बीज पूंजी चेक वितरण की शुरुआत की। शिवसागर में 34,711 लाभार्थियों और सोनारी में 28,296 लाभार्थियों को 10 हजार रुपये के चेक मिले।
ज्ञात हो कि एमएमयूए के तहत चेक बांटने का काम अब तक राज्य के 107 विधानसभा क्षेत्रों में पूरा हो चुका है और आज तक 26,65,798 महिलाओं को उद्यमिता सहायता मिली है।
शिवसागर विधानसभा क्षेत्र के तलातल घर परिसर में आयोजित कार्यक्रम में बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि एमएमयूए जैसी बड़े पैमाने की महिला-केंद्रित योजना पहले कभी नहीं चलाई गई, न केवल असम में बल्कि देश में कहीं भी। उन्होंने कहा कि पिछले पांच सालों में मौजूदा राज्य सरकार ने महिलाओं के कल्याण के लिए कई पहल की हैं। एमएमयूए के साथ-साथ, सरकार ने ओरुनोदोई और निजुत मोइना जैसी योजनाएं भी लागू की हैं।
उन्होंने समझाया कि सेल्फ-हेल्प ग्रुप के सदस्य बीज पूंजी को अपने ग्रुप अकाउंट में जमा कर सकते हैं और मिलकर बिज़नेस एक्टिविटीज़ कर सकते हैं, या एंटरप्राइज़ शुरू करने के लिए ग्रुप के एक लाख रुपये के फंड से लोन ले सकते हैं। दूसरा, सदस्य इन पैसों का इस्तेमाल बकरी पालन, सुअर पालन या दूसरे बिज़नेस जैसी एक्टिविटीज़ के लिए कर सकते हैं। तीसरा, इन पैसों को उनके पति या परिवार के बिज़नेस में भी इन्वेस्ट किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार छह महीने बाद घर-घर जाकर इन पैसों के इस्तेमाल का मूल्यांकन करेगी। अगर पैसों का सही इस्तेमाल होता है, तो अगले चरण में 25,000 रुपये दिए जाएंगे, जिसके बाद एक और मूल्यांकन होगा। जो लोग पैसों का प्रभावी ढंग से इस्तेमाल करेंगे, उन्हें तीसरे साल 50,000 रुपये मिलेंगे।
मौजूदा सरकार के प्रयासों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि पिछले पांच सालों में राज्य में बदलाव लाने के लिए कई पहल की गई हैं, और ये बदलाव अब धीरे-धीरे दिखने लगे हैं।
शिक्षा मंत्री डॉ. रानोज पेगू, विधायक सुशांत बोरगोहाईं और अखिल गोगोई, पूर्व विधायक कुशल दुवारी, मिशन डायरेक्टर असम स्टेट रूरल लाइवलीहुड्स मिशन, कुंतल मोनी सरमा बोरदोलोई के साथ-साथ कई गणमान्य व्यक्ति और वरिष्ठ अधिकारी इस मौके पर मौजूद थे।
बाद में, मुख्यमंत्री ने सोनारी विधानसभा क्षेत्र के लिए एमएमयूए के तहत चेक वितरण कार्यक्रम में हिस्सा लिया। सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं ने इस योजना को गंभीरता से लिया है और इसके फायदों का इस्तेमाल करके खुद को सफल उद्यमी के तौर पर स्थापित करने के लिए दृढ़ हैं।
उन्होंने कहा कि समाज में महिलाओं की आबादी 50 प्रतिशत है। पहले, महिलाएं मुख्य रूप से घर के कामों में लगी रहती थीं, लेकिन जब कोई महिला पैसे कमाने वाली गतिविधियों में शामिल होती है, तो वह न केवल अपने परिवार की आर्थिक भलाई में योगदान देती है, बल्कि समाज में उसे ज़्यादा सम्मान भी मिलता है। उन्होंने बताया कि राज्य में लगभग 36 लाख महिलाएं सेल्फ-हेल्प ग्रुप से जुड़ी हैं, और उनमें से लगभग 8 लाख महिलाएं फिलहाल अलग-अलग बिजनेस एक्टिविटीज़ के ज़रिए सालाना 1 लाख रुपये से ज़्यादा कमा रही हैं, जिससे वे लखपति बाइदेउ बन गई हैं। इसे एक बड़ी उपलब्धि बताते हुए उन्होंने कहा कि इसने सामाजिक बदलाव में भी योगदान दिया है।
उन्होंने कई परियोजनाओं की वर्चुअली आधारशिला भी रखी, जिसमें 41.51 करोड़ रुपये की लागत से सापेखाटी चारियाली से बोरहाट लेफेरा तिनियाली तक 12.50 किमी सड़क, ऐदेउबाड़ी अली (बचा हुआ हिस्सा) में मुख्यमंत्री की बेहतर पक्की सड़कों की योजना के तहत काम, रंगचोवाल चांगमाई गांव में दिसंग नदी पर कटाव सुरक्षा कार्य, और उजानिकुरी एमवी स्कूल, पूर्वांचल हायर सेकेंडरी स्कूल और सापेखाटी हायर सेकेंडरी स्कूल में नई इमारतें शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि प्रस्तावित सुकाफा विश्वविद्यालय सोनारी जिले में स्थापित किया जाएगा, और बताया कि जिला प्रशासन ने विश्वविद्यालय के लिए उपयुक्त भूमि की पहचान करने की प्रक्रिया पहले ही शुरू कर दी है।
सोनारी में हुई बैठक में सहकारिता और अन्य विभागों के मंत्री जोगेन मोहन, विधायक धर्मेश्वर कोंवर, पूर्व सांसद तपन कुमार गोगोई, पूर्व विधायक नबनीता हैंडिक, मिशन निदेशक एएसआरएलएम कुंतल मोनी सरमा बोरदोलोई और कई अन्य गणमान्य व्यक्ति शामिल हुए।
हिन्दुस्थान समाचार / अरविन्द राय