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जेनेवा, 16 फरवरी (हि.स.)। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची अमेरिका के साथ दूसरे दौर की परमाणु वार्ता में भाग लेने के लिए जेनेवा पहुंच गए हैं। इसी बीच इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने रणनीतिक रूप से अहम होर्मुज जलडमरूमध्य में सैन्य अभ्यास शुरू कर दिया है।
तेहरान के अनुसार ओमान की मध्यस्थता में 17 फरवरी को 'अप्रत्यक्ष' परमाणु वार्ता प्रस्तावित है। हालांकि, अमेरिका पहले संकेत दे चुका है कि वह बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम और क्षेत्रीय समूहों को समर्थन जैसे मुद्दे भी उठाना चाहता है।
ईरानी सरकारी प्रसारक आईआरआईबी के मुताबिक यह अभ्यास संभावित सुरक्षा और सैन्य खतरों से निपटने की तैयारी का हिस्सा है। होर्मुज जलडमरूमध्य से वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है, इसलिए इसकी सामरिक अहमियत काफी अधिक है।
हाल के महीनों में दोनों देशों के बीच तनाव और कूटनीतिक संपर्क साथ-साथ चलते रहे हैं। पिछले वर्ष इजराइल द्वारा ईरान पर बड़े पैमाने के हवाई हमलों के बाद वार्ता प्रक्रिया बाधित हो गई थी, जिसे अब फिर शुरू किया गया है।
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने हाल में कहा कि उनका देश समझौते को लेकर आशावादी है और कूटनीतिक समाधान को प्राथमिकता देता है।
अराघची ने बताया कि उन्होंने अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के प्रमुख राफेल ग्रोसी से तकनीकी मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की है। ग्रोसी ने भी वार्ता को अहम बताते हुए सकारात्मक संवाद की पुष्टि की।
विशेषज्ञों के अनुसार, उच्च स्तर पर संवर्धित यूरेनियम के भंडार और क्षेत्रीय सुरक्षा समीकरण इस वार्ता के प्रमुख मुद्दे रहेंगे, जिन पर आगे की प्रगति से पश्चिम एशिया की स्थिरता प्रभावित हो सकती है।
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हिन्दुस्थान समाचार / आकाश कुमार राय