इस्‍लामिक आतंकवाद का अदृश्य हथियार हैं महिलाएं
-डॉ. मयंक चतुर्वेदी पिछले कई दशकों से इस्‍लामिक आतंकवादी संगठन महिलाओं को भर्ती कर रहे हैं और उनका क्रूर शोषण कर रणनीतिक लाभ उठा रहे हैं। यह समस्या अब इतनी विकट हो गई है कि ये किसी एक देश तक सीमित नहीं रही, आईएसआईएस से बोको हराम, जैश-ए-मोहम्मद तक

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