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नई दिल्ली, 10 फरवरी (हि.स.)। दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता 200 विभिन्न जनजातीय जिलों के युवा प्रतिभागियों, सीआरपीएफ, बीएसएफ और आईटीबीपी के 20 कर्मियों तथा युवा एवं खेल मंत्रालय के 36 युवा अधिकारियों के साथ संवाद करेंगे।
ये 36 युवा अधिकारी उन प्रतिभाशाली व्यक्तियों के समूह का प्रतिनिधित्व करते हैं, जिन्होंने यूपीएससी सिविल सेवा की लिखित परीक्षाओं को सफलतापूर्वक उत्तीर्ण किया था, लेकिन साक्षात्कार के अंतिम चरण में चयन से चूक गए थे। आज ये सभी युवा अधिकारी एक नई ऊर्जा के साथ देश के युवाओं के कल्याण के लिए अपनी विशेषज्ञता और समर्पण का योगदान दे रहे हैं।
सोमवार को आयोजित यह महत्वपूर्ण कार्यक्रम 'मेरा युवा भारत' द्वारा आयोजित 'जनजातीय युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम' का एक हिस्सा है। इस प्रतिनिधिमंडल में बस्तर, बीजापुर, कांकेर, नारायणपुर और मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी (छत्तीसगढ़), पश्चिमी सिंहभूम (झारखंड), बालाघाट (मध्य प्रदेश), कंधमाल और कालाहांडी (ओडिशा) तथा गढ़चिरौली (महाराष्ट्र) जैसे जनजातीय क्षेत्रों के युवा प्रतिनिधि शामिल हैं।
इस संवाद का मुख्य उद्देश्य भारत के जनजातीय युवाओं और देश के लोकतांत्रिक स्तंभों के बीच की दूरी को कम करना है।
विजेंद्र गुप्ता के मार्गदर्शन में प्रतिभागी लोकतांत्रिक मूल्यों, विधायी प्रक्रिया के कामकाज और संसदीय परंपराओं के महत्व के बारे में प्रत्यक्ष जानकारी प्राप्त करेंगे। यह आदान-प्रदान इन युवाओं को अपने समुदायों के भीतर नेतृत्व की भूमिका निभाने और राष्ट्र की प्रगति में सार्थक योगदान देने के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / माधवी त्रिपाठी