गांधी महोत्सव समिति : गांधी विचार को दैनिक व्यवहार में उतारें
अजमेर, 03 अक्टूबर(हि.सं.)। गांधी महोत्सव समिति द्वारा मनाये जा रहे गांधी महोत्सव के कार्यक्रमों की शृंखला में आज शहर के चार प्रमुख शिक्षण संस्थानों में गांधी परिसंवाद का आयोजन किया गया। वरिष्ठ कवि व साहित्यकार रासबिहारी गौड़ ने सेंट स्टीवंज स्कूल
Gandhi Festival Committee: Implement Gandhi's thoughts in daily practice


Gandhi Festival Committee: Implement Gandhi's thoughts in daily practice


अजमेर, 03 अक्टूबर(हि.सं.)। गांधी महोत्सव समिति द्वारा मनाये जा रहे गांधी महोत्सव के कार्यक्रमों की शृंखला में आज शहर के चार प्रमुख शिक्षण संस्थानों में गांधी परिसंवाद का आयोजन किया गया।

वरिष्ठ कवि व साहित्यकार रासबिहारी गौड़ ने सेंट स्टीवंज स्कूल में आयोजित परिसंवाद में बोलते हुए कहा कि गांधी के विचारों को किताबों से निकालकर दैनिक व्यवहार में लाने की आवश्यकता है उन्होंने कहा कि गांधी न आम मनुष्य की तरह रहते हुए उन पहलुओं को खोजने की कोशिश की जिनके द्वारा मानव जीवन ,समाज और दुनिया को अनुकूल बनाया जा सकता है।

सेंट्रल एकेडमी स्कूल में आयोजित परिसंवाद में शिक्षाविद डॉ अनंत भटनागर ने गांधी के बुनियादी सिद्धांतों सत्य, अहिंसा स्वदेशी, स्वावलंबन व सादगी की प्रेरणा देते हुय कहा कि महात्मा गांधी के जीवन में कथनी और करनी में कोई भेद नहीं था। इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार राजेंद्र गुंजल ने कहा कि मोहनदास से महात्मा गांधी बनने की यात्रा कोई सरल नहीं थी।

गांधी जी की सत्य निष्ठा के कारण लोगों ने उन्हें महात्मा कहा परिसंवाद की इस श्रृंखला की तीसरी कड़ी के रूप में न्यू पैटर्न्स पुलिस स्कूल में डॉ सुरेश अग्रवाल ने गांधी जी के जीवन का परिचय देते हुए बताया कि भारतीय स्वाधीनता आंदोलन का नेतृत्व करते हुए उन्होंने कभी अपने नैतिक मूल्यों से समझौता नहीं किया। सावन सीनियर सेकेंडरी स्कूल में राजेंद्र गुंजल ने गांधीजी के प्रेरक प्रसंग सुनाए और कहा कि गांधी के मार्ग पर चल कर ही विश्व शांति स्थापित हो सकती है ।

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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष