ओडिशा में 1 अप्रैल तक पीयूसीसी जुर्माने के  प्रवर्तन में ढील
भुवनेश्वर, 09 जनवरी (हि.स.)। ओडिशा सरकार ने राज्यभर के वाहन मालिकों को अस्थायी राहत देते हुए 1 अप्रैल तक प्रदूषण से जुड़े दंडात्मक प्रावधानों के प्रवर्तन में ढील देने का निर्णय लिया है। परिवहन मंत्री विभूति भूषण जेना ने निर्देश दिया है कि इस अवधि क
ओडिशा में 1 अप्रैल तक पीयूसीसी जुर्माने के  प्रवर्तन में ढील


भुवनेश्वर, 09 जनवरी (हि.स.)। ओडिशा सरकार ने राज्यभर के वाहन मालिकों को अस्थायी राहत देते हुए 1 अप्रैल तक प्रदूषण से जुड़े दंडात्मक प्रावधानों के प्रवर्तन में ढील देने का निर्णय लिया है। परिवहन मंत्री विभूति भूषण जेना ने निर्देश दिया है कि इस अवधि के दौरान प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (पीयूसीसी) के अभाव में किसी भी वाहन पर जुर्माना नहीं लगाया जाएगा।

सरकारी निर्णय के अनुसार, 1 अप्रैल तक टोल गेटों पर स्थापित ई-डिटेक्शन सिस्टम के माध्यम से प्रदूषण से संबंधित चालान जारी नहीं किए जाएंगे। साथ ही परिवहन अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि इस अंतरिम अवधि में वैध पीयूसीसी न होने पर वाहनों से कोई दंड वसूला न जाए। यह फैसला पीयूसीसी की उपलब्धता और नवीनीकरण को लेकर वाहन मालिकों द्वारा जताई गई चिंताओं के मद्देनज़र लिया गया है।

परिवहन मंत्री ने मौजूदा प्रदूषण दंड व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा के भी आदेश दिए हैं, जिसमें गैर-अनुपालन पर लगाए जा रहे उच्च जुर्मानों को शामिल किया गया है। वर्तमान में वैध पीयूसीसी के बिना वाहन चलाने पर ₹10,000 का जुर्माना निर्धारित है। विभाग को जुर्माने की राशि में कमी की संभावनाओं पर विचार कर अपनी सिफारिशें प्रस्तुत करने को कहा गया है।

ढील की घोषणा करते हुए मंत्री ने नागरिकों से अपील की कि वे अत्यधिक प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों का उपयोग न करें और पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह राहत पर्यावरणीय दायित्वों से छूट नहीं है।

सरकार ने कहा कि इस निर्णय का उद्देश्य वाहन मालिकों को अपने प्रदूषण प्रमाणपत्र प्राप्त करने या नवीनीकरण के लिए पर्याप्त समय देना है। इस अवधि में नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे अपने वाहनों की जांच कराकर प्रदूषण मानकों का पालन सुनिश्चित करें और वैध पीयूसीसी प्राप्त करें।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुनीता महंतो