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पटना, 08 जनवरी (हि.स.)। बिहार के चार बड़े सिविल कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिलने से हड़कंप मच गया है। पटना, गया, अररिया और किशनगंज सिविल कोर्ट को ई-मेल के जरिए यह धमकी दी गई है। धमकी की जानकारी मिलते ही पुलिस और जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट हो गया है।
पटना सिविल कोर्ट को धमकी भरा ई-मेल गुरुवार सुबह कोर्ट प्रशासन के मेलबॉक्स में मिला। ई-मेल में सिविल कोर्ट परिसर को निशाना बनाने की बात लिखी गई थी। सूचना मिलते ही कोर्ट परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। तुरंत सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। डॉग स्क्वॉड की मदद से पूरे कोर्ट परिसर की सघन तलाशी ली जा रही है, ताकि किसी भी संदिग्ध वस्तु का पता लगाया जा सके।
पुलिस धमकी भरे ई-मेल के स्रोत का पता लगाने के लिए साइबर सेल की मदद ले रही है। पुलिस ने कहा कि धमकी वाले ई-मेल की जांच की जा रही है। फिलहाल अभी कुछ भी संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं की गई है।
पटना सेंट्रल की पुलिस अधीक्षक दीक्षा ने बताया कि डॉग स्क्वॉड और बम निरोधक दस्ते को मौके पर बुलाकर सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है और हर पहलू की गंभीरता से जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि ई-मेल में इस्तेमाल भाषा और तकनीकी संकेतों से यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि यह धमकी किसने भेजी और क्या इसमें किसी तरह के वास्तविक खतरे की संभावना है।
इसी तरह गया सिविल कोर्ट परिसर को भी बम से उड़ाने की धमकी मिली है। जिला प्रशासन ने एहतियातन पूरे कोर्ट परिसर को खाली करा लिया है और आसपास के इलाके को पूरी तरह सील कर दिया गया है। सूचना मिलते ही पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई, जिससे कोर्ट परिसर और उसके आसपास का इलाका पुलिस छावनी में तब्दील हो गया है। बम निरोधक दस्ते को मौके पर बुलाया गया है और तलाशी की जा रही है।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, गया जिला सत्र एवं न्यायाधीश की सरकारी ई‑मेल आईडी पर धमकी भरा पत्र प्राप्त हुआ, जिसमें कोर्ट परिसर को निशाना बनाने की बात लिखी गई है। पत्र में दावा किया गया है कि कुछ समूह अपनी मांगों को लेकर यह कदम उठा रहे हैं।
हालांकि, इस पत्र की सत्यता और उसमें किए गए दावों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं की गई है। प्रशासन और पुलिस इसे एक गंभीर सुरक्षा अलर्ट मानते हुए हर स्तर पर सतर्कता बरत रही हैं। धमकी भरे पत्र में कुछ कथित सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों का उल्लेख करते हुए अत्यंत आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया गया है। पत्र में हिंसक कार्रवाई की आशंका जताई गई है और कोर्ट परिसर को निशाना बनाए जाने की बात कही गई है।
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने तक किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। अधिकारियों का कहना है कि कोर्ट परिसर की तलाशी ली जा रही है। हर इमारत, कोर्ट रूम, रिकॉर्ड रूम और सार्वजनिक स्थानों की बारीकी से जांच की जा रही है। किसी भी तरह की अफवाह से बचने की अपील करते हुए प्रशासन ने लोगों से सहयोग की मांग की है। पुलिस ने यह भी कहा है कि जांच के दौरान किसी प्रकार की आपत्तिजनक वस्तु मिलने पर तय प्रोटोकॉल के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
किशनगंज सिविल कोर्ट को भी बम से उड़ाने की धमकी दी गई है। धमकी मिलने के बाद सिविल कोर्ट की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। एसडीपीओ गौतम कुमार सहित अन्य वरीय पुलिस पदाधिकारी सिविल कोर्ट पहुंचे हैं और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा ले रहे हैं। सिविल कोर्ट परिसर में पुलिस की तैनाती कर दी गई है।
इसके अलावा अररिया सिविल कोर्ट को भी बम से उड़ाने की धमकी मिली है। जिला जज की ई-मेल आईडी पर धमका भरा मैसेज मिलने के बाद कोर्ट परिसर की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। ई-मेल में लिखा, ''बम को कोर्ट बिल्डिंग में रखा गया है। लंच के समय रिमोट कंट्रोल से ब्लास्ट किया जाएगा।''
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हिन्दुस्थान समाचार / गोविंद चौधरी