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भुवनेश्वर, 07 जनवरी (हि.स.)। ओडिशा में जनसंख्या जनगणना का पहला चरण आगामी अप्रैल माह से प्रारंभ होगा, जबकि दूसरा और मुख्य चरण फरवरी 2027 से शुरू किया जाएगा। यह जानकारी ओडिशा के जनगणना संचालन निदेशक निखिल पावन कल्याण ने दी।
पहले चरण के तहत हाउस लिस्टिंग एवं हाउस सेंसस कराया जाएगा। इस दौरान सभी घरों की पहचान और मार्किंग की जाएगी तथा परिवारों से संबंधित आधारभूत जानकारी और घरेलू परिसंपत्तियों का विवरण एकत्र किया जाएगा। इसके बाद फरवरी 2027 से शुरू होने वाले दूसरे चरण में डोर-टू-डोर जनसंख्या जनगणना की जाएगी, जिसमें प्रत्येक व्यक्ति की आयु, लिंग, शिक्षा, रोजगार सहित अन्य जनसांख्यिकीय विवरण दर्ज किए जाएंगे।
इस व्यापक जनगणना प्रक्रिया के लिए राज्यभर में लगभग एक लाख गणनाकर्मी (एन्यूमेरेटर) नियुक्त किए जाएंगे। निर्धारित योजना के अनुसार, एक गणनाकर्मी को औसतन 200 परिवारों की जिम्मेदारी दी जाएगी, जबकि छह गणनाकर्मियों पर एक पर्यवेक्षक नियुक्त किया जाएगा। जनगणना कार्य में शामिल प्रत्येक गणनाकर्मी को ₹25,000 का मानदेय प्रदान किया जाएगा।
जनगणना को सुचारु रूप से संपन्न कराने के लिए तैयारियां पिछले छह महीनों से जारी हैं। भुवनेश्वर और कटक में प्री-टेस्ट सर्वे पहले ही पूरे किए जा चुके हैं। इसके साथ ही हाल ही में घोषित नए एनएसी और नगरपालिकाओं की सीमाओं को भी अंतिम रूप दे दिया गया है। आगामी तीन महीनों के दौरान जनगणना से जुड़े अधिकारियों और कर्मियों को संरचित प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि पूरी प्रक्रिया बिना किसी बाधा के संपन्न हो सके।
जनगणना से पूर्व विकास आयुक्त ने सभी जिलों के कलेक्टरों के साथ विस्तृत चर्चा की है। इसके अलावा, लोक सेवा भवन में विकास आयुक्त की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय जनगणना समन्वय समिति की बैठक भी आयोजित की गई, जिसमें जनगणना निदेशक सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने बताया कि पूरी जनगणना प्रक्रिया की उच्चस्तरीय निगरानी की जाएगी, जिससे आंकड़ों की सटीकता और विश्वसनीयता सुनिश्चित की जा सके।
इस बार जनगणना का अधिकांश कार्य डिजिटल माध्यम से किया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, लगभग 90 प्रतिशत आंकड़े ऑनलाइन मोड के जरिए एकत्र किए जाएंगे। जो नागरिक स्वयं अपनी जानकारी देना चाहते हैं, वे आधिकारिक वेबसाइट पर ओटीपी आधारित मोबाइल सत्यापन के माध्यम से पंजीकरण कर सकते हैं। एक मोबाइल नंबर का उपयोग केवल एक बार ही किया जा सकेगा। इसके साथ ही, डेटा सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ऐप में स्क्रीनशॉट लेने जैसी सुविधाएं भी निष्क्रिय रखी जाएंगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुनीता महंतो