श्रीलक्ष्मीनारायण मंदिर के पुनरुद्धार से केबुल टाउन में लौटी सकारात्मकता : सरयू राय
पूर्वी सिंहभूम, 07 जनवरी (हि.स.)। जमशेदपुर के केबुल टाउन क्षेत्र स्थित श्रीलक्ष्मीनारायण मंदिर (पूर्ववर्ती बिड़ला मंदिर) के जीर्णोद्धार कार्य में तेजी आने के साथ ही इलाके में सकारात्मक वातावरण बनता दिखाई दे रहा है। जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू र
विधायक सरयू राय का फाइल फोटो


पूर्वी सिंहभूम, 07 जनवरी (हि.स.)। जमशेदपुर के केबुल टाउन क्षेत्र स्थित श्रीलक्ष्मीनारायण मंदिर (पूर्ववर्ती बिड़ला मंदिर) के जीर्णोद्धार कार्य में तेजी आने के साथ ही इलाके में सकारात्मक वातावरण बनता दिखाई दे रहा है।

जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने बुधवार को जारी बयान में कहा कि मंदिर के पुनरुद्धार से न केवल धार्मिक चेतना सशक्त हुई है, बल्कि केबुल कंपनी में पुनः औद्योगिक गतिविधियों के आरंभ होने की संभावनाएं भी प्रबल हुई हैं। उन्होंने कहा कि मंदिर परिसर में श्रीलक्ष्मीनारायण, मां काली, भगवान शिव, श्री गणेश तथा पवनपुत्र हनुमान के विग्रहों की स्थापना और नियमित पूजा-अर्चना शुरू होने के बाद लंबे समय से व्याप्त नकारात्मक माहौल समाप्त हुआ है। इसके परिणामस्वरूप मंदिर जीर्णोद्धार में आ रही बाधाएं दूर हुई हैं और केबुल कंपनी के पुनः संचालन के संकेत भी स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगे हैं।

विधायक ने बताया कि मंदिर में भगवान विष्णु के दशावतार के विग्रहों का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है और अब उनका रंग-रोगन किया जाना शेष है। इसके साथ ही गर्भगृह के चारों कोनों में सनातन संस्कृति के चार महान स्तंभ महर्षि विश्वामित्र, महर्षि जमदग्नि, महर्षि कश्यप और महर्षि वाल्मीकि की प्रतिमाएं भी स्थापित कर दी गई हैं।

सरयू राय ने दावा किया कि संभवतः यह देश का पहला श्रीलक्ष्मीनारायण मंदिर है, जहां गर्भगृह प्रांगण में भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी के साथ दशावतार एवं चार महर्षियों की प्रतिमाएं एक साथ विराजमान हैं।

उन्होंने यह भी जानकारी दी कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मंदिर की बाउंड्री वॉल का निर्माण कार्य प्रगति पर है। वहीं मंदिर परिसर के भव्य गोपुरम की मरम्मत तथा गोपुरम शिखर पर पीतल के पांच कलश स्थापित करने का कार्य भी जारी है। इसके पश्चात गर्भगृह के सामने विशाल फर्श का निर्माण किया जाएगा, जिससे श्रद्धालुओं को दर्शन में सुविधा मिलेगी।

इस मौके पर विधायक ने मंदिर परिसर में विराजमान देवी-देवताओं से प्रार्थना करते हुए कहा कि जिस प्रकार मंदिर जीर्णोद्धार में आ रही बाधाएं दूर हुई हैं, उसी प्रकार केबुल कंपनी के पुनः संचालन के मार्ग में आने वाली सभी अड़चनें भी दूर हों। उन्होंने संकेत दिया कि आवश्यकता पड़ने पर मंदिर परिसर में विशेष पूजा-अनुष्ठान का आयोजन भी किया जा सकता है।

सरयू राय ने विश्वास जताया कि श्रीलक्ष्मीनारायण मंदिर में विराजमान देवी-देवताओं की कृपा से न केवल मंदिर का जीर्णोद्धार कार्य शीघ्र पूरा होगा, बल्कि केबुल कंपनी में फिर से आर्थिक गतिविधियां आरंभ होंगी और केबुल टाउन क्षेत्र अपनी पुरानी रौनक और चहल-पहल के साथ पुनः गुलजार होगा।-----------

हिन्दुस्थान समाचार / गोविंद पाठक