बलरामपुर : रामानुजगंज वन परिक्षेत्र में स्टांप पेपर पर दूसरे राज्य के लोगों को बेची जा रही पट्टे की जमीन, जांच में जुटा वन अमला
बलरामपुर, 08 जनवरी (हि.स.)। जिले के रामानुजगंज वन परिक्षेत्र अंतर्गत पुरानडीह में वन भूमि से जुड़े गंभीर अनियमितता का मामला सामने आया है। यहां पट्टे पर दी गई जमीन को नियमों के विपरीत स्टांप पेपर के माध्यम से दूसरे राज्य के लोगों को बेचने का आरोप सा
डीएफओ कार्यालय फाइल फोटो।


बलरामपुर, 08 जनवरी (हि.स.)। जिले के रामानुजगंज वन परिक्षेत्र अंतर्गत पुरानडीह में वन भूमि से जुड़े गंभीर अनियमितता का मामला सामने आया है। यहां पट्टे पर दी गई जमीन को नियमों के विपरीत स्टांप पेपर के माध्यम से दूसरे राज्य के लोगों को बेचने का आरोप सामने आने के बाद वन विभाग हरकत में आ गया है। मामला संज्ञान में आते ही विभाग ने जांच और सीमांकन की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

मिली जानकारी के अनुसार, बलरामपुर जिले के रामानुजगंज वन परिक्षेत्र के पुरानडीह क्षेत्र में पट्टे की जमीन की अवैध खरीद-बिक्री का प्रकरण प्रकाश में आया है। जानकारी के अनुसार, कुछ लोगों द्वारा पट्टे की जमीन को स्टांप पेपर के सहारे दूसरे राज्य के लोगों को बेचा जा रहा है। मामला सामने आने के बाद वन विभाग ने इसकी गंभीरता को देखते हुए कार्रवाई की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है।

उल्लेखनीय है कि, इससे पूर्व बीते वर्ष भी इसी क्षेत्र से जुड़ा ऐसा ही मामला सामने आया था। उस समय वन विभाग द्वारा कार्रवाई करते हुए संबंधित स्टांप पेपर जब्त किए गए थे। इसके बावजूद एक बार फिर इसी तरह की गतिविधियों का सामने आना प्रकरण को और गंभीर बनाता है।

इस संबंध में गुरुवार काे वन मंडलाधिकारी (डीएफओ) आलोक वाजपेयी ने बताया कि पुरानडीह से जुड़ा एक प्रकरण सामने आया है, जिसमें एक व्यक्ति पर वन भूमि को स्टांप पेपर पर खरीद-बिक्री करने का आरोप है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच के लिए विभागीय टीम को मौके पर भेजा गया है और वर्तमान में भूमि का सीमांकन कराया जा रहा है।

डीएफओ ने स्पष्ट किया कि जांच पूर्ण होने के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यदि जांच में किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी या अवैध लेन-देन की पुष्टि होती है, तो संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

वन विभाग की कार्रवाई के बाद क्षेत्र में हलचल का माहौल है। वहीं स्थानीय लोगों की नजर अब जांच के निष्कर्ष और प्रशासन द्वारा की जाने वाली आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / विष्णु पांडेय