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गुवाहाटी, 07 जनवरी (हि.स.)। विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग के तहत चयनित असम के 37 युवा नेतृत्वकर्ताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार शाम लोक भवन में असम के राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य से मुलाकात की। यह प्रतिनिधिमंडल 9 से 12 जनवरी तक नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित होने वाले राष्ट्रीय युवा महोत्सव ‘विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग’ में असम का प्रतिनिधित्व करेगा।
राज्यपाल ने युवाओं से संवाद करते हुए उन्हें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा शुरू की गई इस प्रतिष्ठित राष्ट्रीय पहल का हिस्सा बनने पर बधाई दी और इसे एक बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि यह मंच युवाओं को राष्ट्रीय स्तर पर अपने विचार और अनुभव साझा करने का दुर्लभ अवसर प्रदान करेगा तथा प्रधानमंत्री के विकसित भारत के विजन से प्रेरणा लेने का अवसर देगा।
राज्यपाल आचार्य ने कहा कि विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग का उद्देश्य युवाओं को विकसित भारत की राष्ट्रीय परिकल्पना से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि युवाओं की ऊर्जा, रचनात्मकता और नेतृत्व क्षमता ही राष्ट्र निर्माण की मजबूत नींव है। उन्होंने डिजिटल प्रगति, स्टार्टअप संस्कृति, आधारभूत संरचना के विस्तार, समावेशी कल्याण योजनाओं और वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि इन सभी परिवर्तनों के केंद्र में युवा शक्ति है।
स्वामी विवेकानंद के विचारों का उल्लेख करते हुए राज्यपाल ने कहा कि भारत का भविष्य युवाओं के हाथों में है। उन्होंने युवाओं से अपने कम्फर्ट ज़ोन से बाहर निकलने, जोखिम उठाने और बड़े लक्ष्य तय करने का आह्वान किया। उन्होंने युवाओं से 2047 के भारत की कल्पना करने और उस भविष्य को आकार देने में अपनी भूमिका तय करने का आग्रह किया।
राज्यपाल ने असम और पूर्वोत्तर क्षेत्र की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह क्षेत्र दक्षिण-पूर्व एशिया के लिए भारत के प्रवेश द्वार के रूप में उभर रहा है। बेहतर कनेक्टिविटी के साथ व्यापार, पर्यटन, नवाचार और उद्यमिता के क्षेत्र में नए अवसर सृजित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा, कौशल विकास, स्वास्थ्य और स्टार्टअप के क्षेत्र में असम की प्रगति युवाओं को रोजगार मांगने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनने के लिए प्रेरित कर रही है।
युवाओं पर विश्वास जताते हुए राज्यपाल ने कहा कि स्थानीय वास्तविकताओं से जुड़े, मूल्यों और नैतिकता से प्रेरित युवाओं के विचार चुनौतियों का समाधान कर सकते हैं और भारत को सशक्त, आत्मनिर्भर, समावेशी और विकसित राष्ट्र बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने युवाओं को संवाद में पूरे उत्साह के साथ भाग लेने, नए विचारों के साथ लौटने और नई प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने की शुभकामनाएं दीं।
इस अवसर पर राज्यपाल के आयुक्त एवं सचिव एसएस मीनाक्षी सुंदरम्, खेल एवं युवा कल्याण निदेशक अंकुर भराली सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश