जादवपुर विश्वविद्यालय हिजाब विवाद : जांच के दौरान अंग्रेज़ी विभागाध्यक्ष को हटाने की सिफारिश
कोलकाता, 05 जनवरी (हि. स.)। जादवपुर विश्वविद्यालय में हिजाब विवाद को लेकर गठित फैक्ट फाइंडिंग कमिटी की पहली बैठक सोमवार को संपन्न हुई। बैठक के बाद कमिटी ने जांच पूरी होने तक अंग्रेज़ी विभाग की विभागाध्यक्ष शाश्वती हालदार को उनके पद से मुक्त रखने की
जादवपुर विश्वविद्यालय


कोलकाता, 05 जनवरी (हि. स.)। जादवपुर विश्वविद्यालय में हिजाब विवाद को लेकर गठित फैक्ट फाइंडिंग कमिटी की पहली बैठक सोमवार को संपन्न हुई। बैठक के बाद कमिटी ने जांच पूरी होने तक अंग्रेज़ी विभाग की विभागाध्यक्ष शाश्वती हालदार को उनके पद से मुक्त रखने की सिफारिश की है। हालांकि, कमिटी में शामिल राज्यपाल के प्रतिनिधि काजी मासूम अख्तर ने इस सिफारिश से असहमति जताई है।

गौरतलब है कि 24 दिसंबर को जादवपुर विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह के दौरान दो छात्राएं हाथों में पोस्टर लेकर शामिल हुई थीं, जिन पर लिखा था— ‘माई बॉडी माई चॉइस’ और ‘से नो टू इस्लामोफोबिया’। इस विरोध की पृष्ठभूमि 22 दिसंबर की उस घटना से जुड़ी है, जब स्नातक तृतीय वर्ष के पांचवें सेमेस्टर की परीक्षा चल रही थी। उस दौरान कुछ परीक्षार्थियों पर नियमों के उल्लंघन और नकल के आरोप लगे थे, जिसके बाद परीक्षा कक्ष में तलाशी अभियान शुरू किया गया।

आरोप है कि इसी तलाशी के दौरान अंग्रेज़ी विभाग की प्रमुख शाश्वती हालदार ने दो छात्राओं को उनकी इच्छा के विरुद्ध हिजाब हटाने के लिए बाध्य किया। वहीं, शाश्वती हालदार ने विश्वविद्यालय प्रशासन को सौंपी अपनी रिपोर्ट में कहा है कि उन्होंने यह कदम केवल नकल रोकने के उद्देश्य से उठाया था।

उनके अनुसार, जांच सभी छात्रों-छात्राओं के लिए समान रूप से की गई थी, न कि केवल हिजाब पहनी छात्राओं के लिए। उन्होंने यह भी बताया कि हिजाब हटाने या सरकाने को लेकर उन्होंने संबंधित छात्राओं से बार-बार माफी मांगी और इसे केवल अपने कर्तव्य के निर्वहन का हिस्सा बताया।

रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि तलाशी के दौरान दो अन्य छात्रों के पास से नकल से संबंधित कागज़ बरामद किए गए थे, जो हिजाब नहीं पहन रहे थे।

हिजाब से जुड़े इस आरोप की जांच के लिए गठित फैक्ट फाइंडिंग कमिटी की अध्यक्षता सैयद तनवीर नसरिन कर रहे हैं। कमिटी में विश्वविद्यालय के एससी-एसटी सेल के चेयरपर्सन प्रो. सुबर्णकुमार दास, राज्यपाल के प्रतिनिधि एवं विद्यालय के प्रधानाध्यापक काजी मासूम अख्तर, देवब्रत दास शामिल हैं। प्रेज़ेंटिंग ऑफिसर के रूप में अतिरिक्त डिप्टी रजिस्ट्रार उज्ज्वलकुमार मंडल मौजूद हैं। सोमवार को हुई पहली बैठक में ही कमिटी ने जांच के दौरान शाश्वती हालदार को विभागाध्यक्ष पद से हटाने की सिफारिश की।

सूत्रों के अनुसार, शाश्वती हालदार ने कमिटी के समक्ष कहा कि उन्होंने इस घटना के लिए पहले ही क्षमा मांगी है और उनके मन में किसी प्रकार की घृणा नहीं है। उनका कहना है कि नकल रोकना उनका दायित्व था और सभी परीक्षार्थियों के साथ समान व्यवहार किया गया। इसके बावजूद यदि उन्हें पद से हटाया जाता है, तो यह उनके साथ अन्याय होगा। यह कहते हुए वह भावुक होकर रो पड़ीं।

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हिन्दुस्थान समाचार / अभिमन्यु गुप्ता