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जोधपुर, 05 जनवरी (हि.स.)। कृषि विश्वविद्यालय के डॉ. बीआरसी कृषि अनुसंधान केंद्र मण्डोर में आत्मा बाड़मेर के अंतर्गत आयोजित पश्चिमी राजस्थान की प्रमुख रबी फसलों की उन्नत उत्पादन तकनीक एवं प्रबंधन विषयक पांच दिवसीय कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन समारोह का आयोजन किया गया।
समापन दिवस के अवसर पर निदेशक अनुसंधान, डॉ. एमएम सुन्दरिया ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त जानकारी का वे अपने खेतों में व्यावहारिक रूप से उपयोग करें तथा आधुनिक तकनीकों को अपने आस-पास के अन्य किसानों तक भी पहुंचाएं। इस अवसर पर क्षेत्रीय निदेशक अनुसंधान, डॉ. एमएल मेहरिया ने रबी फसलों से संबंधित नवीनतम अनुसंधान उपलब्धियों पर विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि किसानों को उन्नत बीज किस्मों के उपयोग, आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने एवं उचित फसल प्रबंधन पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक तरीकों से खेती करने पर किसानों की आय में वृद्धि संभव है।
प्रशिक्षण प्रभारी डॉ. रेखा कुमावत, पादप रोग विशेषज्ञ ने बताया की इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में विभिन्न विषयों के वैज्ञानिकों के माध्यम से किसानों को कम लागत में अधिक उत्पादन, रबी फसलों की उन्नत किस्मों, खाद पानी एवं बीज की उचित मात्रा तथा फसल संरक्षण के बारे मे जानकारी के साथ ही वर्मी कम्पोस्ट इकाई, मशरूम उत्पादन इकाई, नर्सरी इकाई तथा प्रक्षेत्र भ्रमण भी कराया गया।
हिन्दुस्थान समाचार / सतीश