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पश्चिमी सिंहभूम, 05 जनवरी (हि.स.)। जिला समाहरणालय स्थित प्रकोष्ठ में उपायुक्त चंदन कुमार की अध्यक्षता में सोमवार को स्पॉन्सरशिप–फोस्टर केयर अनुमोदन समिति की बैठक हुई।
बैठक में मिशन वात्सल्य बाल संरक्षण योजना के तहत स्पॉन्सरशिप और फोस्टर केयर (पालन पोषण देखभाल योजना) से संबंधित प्रगति प्रतिवेदन की समीक्षा की गई। उपायुक्त ने स्पॉन्सरशिप योजना के अंतर्गत 117 जरूरतमंद बच्चों और बाल देखरेख संस्थान के 3 बच्चों को फोस्टर केयर योजना के तहत दो उपयुक्त परिवारों में पालन पोषण के लिए चयन को अनुमोदन दिया। उन्होंने बताया कि इन योजनाओं का मुख्य उद्देश्य गरीब और जोखिम वाले बच्चों का सर्वांगीण विकास और उज्ज्वल भविष्य सुनिश्चित करना है। योजना के तहत लाभुकों को प्रति माह 4,000 रुपये की सहायता दी जाती है।
उपायुक्त ने निर्देश दिया कि जिले में कठिन परिस्थितियों में रहने वाले अधिक से अधिक बच्चों की पहचान कर योजना का लाभ दिया जाए, ताकि उन्हें बाल तस्करी, बाल श्रम और पलायन जैसी समस्याओं से बचाया जा सके। साथ ही फोस्टर केयर योजना के तहत इच्छुक परिवारों की संख्या बढ़ाने के लिए जागरूकता अभियान चलाने का निर्देश दिया गया।
बैठक में बताया गया कि मिशन वात्सल्य के तहत पूर्व में स्पॉन्सरशिप योजना से 337 बच्चों को लाभ दिया जा चुका है, जबकि फोस्टर केयर योजना के अंतर्गत 14 बच्चों को परिवार आधारित देखभाल से जोड़ा गया है। उपायुक्त ने दोनों योजनाओं के अंतर्गत आच्छादित बच्चों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया, ताकि वित्तीय सहायता का सही उपयोग बच्चों के बेहतर पालन पोषण में हो सके।
बैठक में जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी पुनीता तिवारी, बाल कल्याण समिति के सदस्य मो शमीम, संरक्षण अधिकारी डॉ. कृष्णा कुमार तिवारी, बाल गृह और गैर सरकारी संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / गोविंद पाठक