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जयपुर, 05 जनवरी (हि.स.)। शहर के सुनियोजित विकास और किसानों के हितों को ध्यान में रखकर जेडीए ने राज्य की पहली लैंड पूलिंग योजना (शिवदासपुरा, बरखेड़ा, चंदलाई) के क्रियान्वयन में तेजी लाने का निर्णय लिया है। इसके लिए जेडीए अधिकारियों का एक दल गुजरात जाएगा और वहां पर चल रही लैंड पूलिंग स्कीमों का अध्ययन करेंगा।
जेडीसी ने जेडीए अधिकारियों के एक उच्च-स्तरीय दल को गुजरात के आधिकारिक दौरे पर जाने के निर्देश दिए हैं। यह दल गुजरात में सफलतापूर्वक चल रही लैंड पूलिंग योजनाओं का जमीनी स्तर पर अध्ययन करेगा। इसके अतिरिक्त दल को यह जिम्मेदारी भी सौंपी गई है कि वे उच्च न्यायालय, गुजरात द्वारा लैंड पूलिंग से जुड़े प्रकरणों के निस्तारण की प्रक्रिया का विस्तृत विवरण एकत्रित करें, ताकि जयपुर की योजना में विधिक अड़चनों का त्वरित समाधान किया जा सके। लैंड पूलिंग योजना के प्रस्तुतीकरण और अब तक की प्रगति की समीक्षा के लिए सोमवार को जेडीए के मंथन सभागार में बैठक संपन्न हुई। बैठक में निदेशक आयोजना, निदेशक अभियांत्रिकी-प्रथम, उपायुक्त (जोन 11/14) और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहें।
गौरतलब है कि राजस्थान लैंड पूलिंग योजना अधिनियम-2016 के तहत विकसित की जा रही इस महत्वकांक्षी परियोजना का विकास कार्य प्रारम्भ किया जा चुका है। यह प्रदेश की पहली ऐसी योजना है जिसमें किसानों और खातेदारों के हितों को सर्वाेपरि रखकर अवाप्ति के बदले उन्हें कुल भूमि का 45 प्रतिशत हिस्सा विकसित भूमि के रूप में लौटाने का ऐतिहासिक प्रावधान किया गया है। यह योजना आधुनिक नगर नियोजन का एक उत्कृष्ट उदाहरण होगी, जिसमें सुव्यवस्थित सड़कें, पार्क, और अन्य जनसुविधा क्षेत्रों का विकास प्रस्तावित है। यह लैंड पूलिंग योजना न केवल स्थानीय किसानों के लिए आर्थिक रूप से लाभकारी सिद्ध होगी, बल्कि यह जयपुर शहर के समग्र और नियोजित विकास में एक मील का पत्थर साबित होगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजेश